होर्मुज का हाहाकार अभी खत्म भी नहीं हुआ कि ईरान दुनिया पर तेल का एक और फंदा कसने जा रहा

US Iran War: ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका ने हार्मुज में या उसके तेल संसाधनों के लिए अहम खार्ग द्वीप पर सैनिकों को उतारा तो ईरान उस बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी बंद कर देगा, जो हिंद महासागर को लाल सागर और स्वेज नहर से जोड़ता है.

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US Iran War: ईरान ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी बंद करने की धमकी दी

US Iran War: तू डाल-डाल मैं पात-पात... अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग में ठीक यही देखने को मिल रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ जंग खत्म करने के लिए शांति वार्ता की कोशिश में लगे हैं तो दूसरी तरफ खबर आई है कि वो 3000 सैनिकों को मिडिल ईस्ट में उतारने की तैयारी में हैं. यह अटकलें लग रही हैं कि अमेरिका ईरान के किसी द्वीप पर हमला कर सकता है. ऐसे में ईरान ने अपना दूसरा प्लान बना लिया है- ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका ने हार्मुज में या उसके तेल संसाधनों के लिए अहम खार्ग द्वीप पर सैनिकों को उतारा तो ईरान उस बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी बंद कर देगा, जो हिंद महासागर को लाल सागर और स्वेज नहर से जोड़ता है.

अगर ईरान ऐसा करता है तो मिडिल ईस्ट में तेल और गैस की जहाजों की आवाजाही पर और ज्यादा दबाव पड़ सकता है. ईरान ने पहले ही होर्मुज को एक तरह से बंद कर रखा है जो दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है. ईरान ने केवल भारत समेत केवल 5 देशों को यहां से जहाज ले जाने की अनुमति दी है.

ईरान का Plan B

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने स्थानीय मीडिया से कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो ईरान बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद कर देगा. बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को "आंसुओं का द्वार" (Gate of Tears) भी कहा जाता है. यह यमन (अरब प्रायद्वीप) और जिबूती/इरिट्रिया (अफ्रीका) के बीच एक महत्वपूर्ण 20-30 किमी चौड़ा जलमार्ग है. यह लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है. स्वेज नहर के माध्यम से एशिया और यूरोप के बीच व्यापार के लिए यह अत्यधिक रणनीतिक समुद्री मार्ग है.

अधिकारी ने तस्नीम समाचार एजेंसी ने कहा, “अगर दुश्मन ईरानी द्वीपों या हमारे क्षेत्र में कहीं भी जमीनी कार्रवाई करने की कोशिश करता है, या अगर वह फारस की खाड़ी और ओमान सागर में नौसैनिक गतिविधियों के जरिए ईरान पर दबाव डालना चाहता है, तो हम ‘सरप्राइज' के रूप में दूसरे मोर्चे खोल देंगे... बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे रणनीतिक जलडमरूमध्यों में से एक है और ईरान के पास इसके खिलाफ पूरी तरह विश्वसनीय खतरा पैदा करने की इच्छा और क्षमता दोनों हैं.”

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बता दें कि ईरान के यमन के हूती विद्रोही समूह के साथ करीबी संबंध हैं और वह उन्हें हथियार भी देता है. अक्टूबर 2023 में जब हूती ने गाजा पर इजरायल की बमबारी के जवाब में जहाजों पर हमले शुरू किए थे, तब लाल सागर में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई थी.

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने भी एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “कुछ खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के दुश्मन एक क्षेत्रीय देश के समर्थन से ईरान के एक द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है, तो “उस क्षेत्रीय देश के सभी महत्वपूर्ण ढांचे को लगातार और बिना रुके हमलों का निशाना बनाया जाएगा.”

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हूती की मदद लेगा ईरान?

बाब-अल-मंदेब ईरान के तट के पास स्थित हॉर्मुज की तरह ही जहाजों के लिए एक महत्वपूर्ण संकरा रास्ता है. इसका सबसे संकरा हिस्से यमन और जिबूती के बीच स्थित है. ईरान के यमन के हूती विद्रोही समूह के साथ करीबी संबंध हैं और वह उन्हें हथियार देता है. अक्टूबर 2023 में जब हूती ने गाजा पर इजरायल की बमबारी के जवाब में जहाजों पर हमले शुरू किए थे, तब लाल सागर में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई थी.

इसके बाद से इस समूह पर हुए हवाई हमलों से भारी मार पड़ी है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि अब अमेरिका-ईरान युद्ध में ये विद्रोही अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं. यहां ध्यान रहे कि हूती विद्रोहियों को वैचारिक रूप से ईरान से उतना मजबूती से जुड़ा नहीं माना जाता और उन्हें मिडिल ईस्ट में ईरान समर्थित अन्य सशस्त्र समूहों की तुलना में लंबे समय से अधिक स्वतंत्रता मिली हुई है.

सैनिक भेजने को तैयार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खाड़ी क्षेत्र में हजारों हवाई सैनिकों और अतिरिक्त मरीन सैनिकों को भेज रहे हैं. यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे सीमित जमीनी हमला करने का आदेश दे सकते हैं, ताकि खाड़ी में ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा किया जा सके या हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित किया जा सके. एक संभावित निशाना खार्ग द्वीप है, जहां से ईरान का लगभग पूरा कच्चा तेल निर्यात होता है.

डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “एक छोटा तेल वाला द्वीप जो वहां है और पूरी तरह असुरक्षित है” कहा है.

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