कौन था वैष्णव कृष्णकुमार? गोल्डन वीजा वाले भारतीय किशोर की दुबई में दिवाली के दिन मौत

दुबई के एक यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 18 साल के भारतीय स्टूडेंट की दिवाली समारोह के दौरान दिल की धड़कन रुकने से मृत्यु हो गई.

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  • दुबई में पढ़ रहे 18 वर्षीय भारतीय छात्र वैष्णव की दिवाली समारोह के दौरान दिल की धड़कन रुकने से मृत्यु हो गई
  • वैष्णव की मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया और दुबई पुलिस फोरेंसिक विभाग ने जांच शुरू कर दी है
  • वैष्णव का परिवार केरल का निवासी है. वे लंबे समय से दुबई में रह रहे थे. अंतिम संस्कार के लिए शव भारत लाया जाएगा
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दुबई के मिडिलसेक्स यूनिवर्सिटी में 18 साल के भारतीय स्टूडेंट की दिवाली समारोह के दौरान दिल की धड़कन रुकने से मृत्यु हो गई. कथित तौर पर शहर में हो रहे दिवाली उत्सव के दौरान वैष्णव कृष्णकुमार गिर गया. उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति का रुकना) था. दुबई पुलिस फोरेंसिक विभाग ने घटना से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है.

अधिकारियों ने पुष्टि की कि अंतिम संस्कार के लिए शव को केरल वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है. वैष्णव कृष्णकुमार के परिवार के अनुसार उसे दिल से जुड़ी कोई ऐसी बीमारी नहीं थी जिसके बारे में उन्हें जानकारी हो. 

वैष्णव कृष्णकुमार कौन थे?

वैष्णव कृष्णकुमार केरल के अलप्पुझा के चेन्निथला के 18 वर्षीय स्टूडेंट थे. उनके माता-पिता, वीजी कृष्णकुमार और विधु कृष्णकुमार, लंबे समय से दुबई के निवासी हैं. उनके पिता ने वहां 20 वर्षों से अधिक समय तक काम किया है. वैष्णव और उनकी छोटी बहन, वृष्टि कृष्णकुमार, दोनों का जन्म और पालन-पोषण संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था.

घर पर मौजूद रिश्तेदार बताते हैं कि दो साल पहले अपने नए बने घर के गृहप्रवेश समारोह के लिए परिवार आखिरी बार भारत आया था. परिवार के एक रिश्तेदार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया, ''वे शायद ही कभी चेन्निथला जाते थे. आखिरी बार वे दो साल पहले यहां आए थे. वैष्णव और उनकी बहन का जन्म और पालन-पोषण दुबई में हुआ था. वह एक स्मार्ट और बुद्धिमान लड़का था. उसके ज्यादातर दोस्त वहीं थे.''

वैष्णव कृष्णकुमार मिडिलसेक्स यूनिवर्सिटी दुबई में मार्केटिंग में बीबीए कोर्स में फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा था. वह GEMS अवर ओन इंडियन स्कूल का पूर्व छात्र भी था. कृष्णकुमार के पास UAE का गोल्डन वीजा था. यह एक स्पेशल लंबे समय के निवास के लिए वीजा है जो विदेशियों को लोकल स्पॉन्सर की आवश्यकता के बिना 5 या 10 सालों तक संयुक्त अरब अमीरात में रहने, काम करने और पढ़ाई करने की अनुमति देता है.

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लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, कृष्णकुमार ने मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन) में महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएं निभाईं. उसने एमयूएन क्लब के अध्यक्ष के रूप में काम किया और पहले उपाध्यक्ष का पद भी संभाला था. इस दौरान, कई एमयूएन समितियों की अध्यक्षता की, और सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि और सर्वश्रेष्ठ अध्यक्ष के लिए कई पुरस्कार जीते. बाद में दुबई में केंडल और यूनिप्लस में इंटर्नशिप भी की.

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