फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन के लिए भारतीय मूल की महिला पर सिंगापुर में लगा 2,341 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना

प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने के कारण तीन महिलाओं पर सिंगापुर में ये कार्रवाई हुई है. वहीं गाजा में सहायता के लिए जा रहे एक दल ने इजरायल पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं.

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इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध के कारण गाजा पूरी तरह बर्बाद हो चुका है.
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  • सिंगापुर के उच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति आवास के बाहर जुलूस निकालने के मामले में तीन महिलाओं पर जुर्माना लगाया
  • प्रत्येक सामाजिक कार्यकर्ता को दो हजार तीन सौ इकतालीस अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है
  • जिला न्यायाधीश ने शुरू में महिलाओं को बरी किया था क्योंकि उन्हें प्रतिबंधित क्षेत्र होने की जानकारी नहीं थी
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सिंगापुर में फिलिस्तीन के प्रति एकजुटता प्रकट करने के सिलसिले में राष्ट्रपति आवास के बाहर जुलूस निकालने के लिए बृहस्पतिवार को भारतीय मूल की एक महिला समेत तीन सामाजिक कार्यकर्ताओं पर जुर्माना लगाया गया है. मीडिया से प्राप्त खबर में यह जानकारी दी गई. खबर के अनुसार प्रत्येक सामाजिक कार्यकर्ता को 2,341 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया है.

किसने लगाया जुर्माना

‘द स्ट्रेट टाइम्स' की खबर के अनुसार उच्च न्यायालय ने दो फरवरी, 2024 को जुलूस आयोजित करने के मामले में तीन महिलाओं मलय मूल की सबीकुन नहार (26), सीति अमीराह मोहम्मद असरोरी (30) और भारतीय मूल की अन्नामलाई कोकिला पार्वती (37) को बरी करने के फैसले को पलट दिया. न्यायाधीश सी की उन ने इस्ताना में स्थित राष्ट्रपति आवास के परिसर में जुलूस आयोजित करने की आरोपी तीनों महिलाओं को बरी किए जाने के खिलाफ अभियोजन पक्ष की अपील स्वीकार कर ली. राष्ट्रपति आवास को उस समय सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम (पीओए) के तहत निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया था.

तीनों महिलाओं ने जुलाई 2025 में शुरु हुए संयुक्त मुकदमे में लगे आरोपों को चुनौती दी थी. अक्टूबर, 2025 में जिला न्यायाधीश जॉन एनजी ने उन्हें बरी करते हुए कहा था कि महिलाओं ने उक्त दिन जुलूस निकाला था, हालांकि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि वह स्थान प्रतिबंधित क्षेत्र के तहत था.

इजरायल पर लगे गंभीर आरोप

वहीं गाजा जा रहे सहायता दल के आयोजकों का कहना है कि इजरायल ने 211 कार्यकर्ताओं का अपहरण किया है. गाजा जा रहे सहायता दल के आयोजकों ने गुरुवार को बताया कि इजरायल की सेना ने ग्रीस के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में छापेमारी के दौरान पेरिस नगर परिषद के एक सदस्य सहित 211 कार्यकर्ताओं का अपहरण कर लिया. ग्लोबल सुमुद फ्रांस की प्रवक्ता हेलेन कोरोन ने एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह ऑपरेशन क्रेते द्वीप के पास हुआ, जो इजरायल से "अभूतपूर्व" दूरी पर स्थित है.

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