छोटी सोच से ऊपर उठे पाकिस्तान... UN में विभाजनकारी एजेंडा चलाया तो भारत ने जमकर रगड़ दिया

भारत के यूएन मिशन के काउंसलर एल्डोस पुनूस ने जनरल असेंबली में कहा कि पाकिस्तान यूएन में अपना विभाजनकारी एजेंडा चलाने के लिए सभी मंचों और प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर रहा है. उसे अपनी छोटी सोच से ऊपर उठना होगा.

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  • महासभा में यूएन के पिछले साल के कार्यों पर सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट पर चर्चा चल रही थी
  • इसी दौरान पाकिस्तान ने फिलिस्तीनी लोगों के लिए आत्मनिर्णय का जिक्र करते हुए कश्मीर का मुद्दा उठा दिया
  • भारतीय प्रतिनिधि ने जबाव में कहा कि पाकिस्तान को झूठ बोलने की आदत हो गई है... वह छोटी सोच से ऊपर उठे
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पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर से अपनी फजीहत करा ली. महासभा में यूएन के पिछले साल के कार्यों पर सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट पर चर्चा चल रही थी, इसी दौरान पाकिस्तान ने बीच में कूदते हुए फिलिस्तीन के बहाने कश्मीर का राग अलाप दिया. उसके बाद भारत के प्रतिनिधि ने जमकर फटकार लगाई और कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे पर झूठ बोलकर लोकतांत्रिक और बहुलवादी देशों पर हमला करने के लिए आत्मनिर्णय की अवधारणा का गलत इस्तेमाल कर रहा है.

भारत के यूएन मिशन के काउंसलर एल्डोस पुनूस ने जनरल असेंबली में कहा, “पाकिस्तान यूएन में अपने विभाजनकारी एजेंडे को चलाने के लिए सभी प्लेटफॉर्म और प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर रहा है. ऐसे में सदस्य देशों को अपनी छोटी सोच से ऊपर उठना होगा.”

'आत्मनिर्णय के अधिकार का गलत इस्तेमाल न हो'

उन्होंने कहा, “आत्मनिर्णय का अधिकार यूएन चार्टर में शामिल एक बुनियादी सिद्धांत है. हालांकि अलग-अलग सोच वाले और लोकतांत्रिक देशों में अलगाव को बढ़ावा देने के लिए इस अधिकार का गलत इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर भारत का एक अहम और अविभाज्य हिस्सा है.”

फिलिस्तीन के बहाने उठाया था कश्मीर मसला

दरअसल पाकिस्तान के प्रतिनिधि अहमद ने फिलिस्तीनी लोगों के लिए सेल्फ डिटरमिनेशन (आत्मनिर्णय) की बात की थी और इसी दौरान कश्मीर का भी जिक्र कर दिया और  यूएन रेजोल्यूशन के सम्मान की बात की. भारत का कहना है कि कश्मीर में जनमत संग्रह अब बेमतलब की बात है क्योंकि कश्मीर के लोगों ने चुनावों में हिस्सा लेकर और इलाके के नेताओं को चुनकर भारत के प्रति अपनी वफादारी साफ कर दी है.

मुद्दा कुछ और था, PAK कुछ और बोलने लगा

दरअसल असेंबली पिछले साल यूएन के कार्यों पर सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट पर चर्चा कर रही थी. इसी दौरान पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने कश्मीर का जिक्र कर दिया. असेंबली में चर्चा का मुद्दा कुछ भी हो, पाकिस्तान हमेशा इसी फिराक में रहता है कि कैसे कश्मीर का मुद्दा उठाया जाए. कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के पुराने राग को भले ही दूसरे सदस्य देश नजरअंदाज करें, लेकिन फिर भी वह बाज नहीं आता.

भारतीय प्रतिनिधि ने लिया आड़े हाथ

पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर एल्डोस पुनूस ने कहा, “यह फोरम भी कोई अलग नहीं है, पाकिस्तान ने भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर का बेवजह जिक्र किया, जो भारत का एक जरूरी और अविभाज्य हिस्सा है. हालांकि पाकिस्तान को इसकी आदत हो गई है, लेकिन अच्छा होगा अगर वह बेबुनियाद आरोपों और झूठ का सहारा न ले और ऐसी तस्वीर न दिखाए, जो असलियत से पूरी तरह अलग हो.”

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