गाजा के भविष्य का फैसला करेगा भारत? ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' के लिए भेजा न्योता

व्हाइट हाउस ने कहा था कि एक मुख्य बोर्ड होगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं ट्रंप करेंगे, युद्धग्रस्त क्षेत्र का शासन करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक फिलिस्तीनी समिति होगी, और एक दूसरा "कार्यकारी बोर्ड" होगा.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण और शासन के लिए शांति बोर्ड बनाने का प्रस्ताव रखा है.
  • ट्रंप ने भारत को शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया, क्योंकि भारत दोनों पक्षों के लिए मध्यस्थ है.
  • पाकिस्तान ने भी इस बोर्ड में शामिल होने का दावा किया है, जिस पर इजराइल ने कड़ी आपत्ति जताई है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा के पुनर्निर्माण और शासन के लिए प्रस्तावित "शांति बोर्ड" (Board of Peace) पहल ने वैश्विक कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है. सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने भारत को इस बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है. भारत की भूमिका इसमें इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके इजराइल के साथ मजबूत रणनीतिक संबंध हैं और फिलिस्तीन के साथ ऐतिहासिक जुड़ाव, जिसके कारण भारत दोनों पक्षों के लिए एक स्वीकार्य मध्यस्थ के रूप में उभरता है. भारत उन शुरुआती देशों में शामिल था जिसने युद्ध शुरू होने के बाद मानवीय सहायता गाजा भेजी थी.

हालांकि, पाकिस्तान ने भी इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण मिलने का दावा किया है, जिस पर इजराइल ने कड़ी आपत्ति जताई है. भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने स्पष्ट किया है कि गाजा के भविष्य में पाकिस्तान की कोई भी भूमिका इजराइल को मंजूर नहीं होगी. इसके अलावा, इजराइल ने 11 सदस्यीय "कार्यकारी बोर्ड" की संरचना पर भी नाराजगी जताई है, जिसमें तुर्की और कतर जैसे देशों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिनसे इजराइल के संबंध तनावपूर्ण हैं.

राजनयिक स्तर पर इस पहल को लेकर मिली-जुली और सावधानी भरी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं. जहां हंगरी ने इस निमंत्रण को स्पष्ट रूप से स्वीकार कर लिया है, वहीं लगभग 60 अन्य देशों ने अभी चुप्पी साध रखी है. कई अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों का मानना है कि ट्रंप की यह व्यक्तिगत शांति पहल संयुक्त राष्ट्र (UN) के वैश्विक प्रभाव और उसके कार्यों को कमजोर कर सकती है. फिलहाल, व्हाइट हाउस ने सदस्यों की विशिष्ट जिम्मेदारियों का पूरा विवरण साझा नहीं किया है और आने वाले हफ्तों में और अधिक नामों की घोषणा होने की संभावना है.

Featured Video Of The Day
Trump Administration का Netanyahu को बड़ा झटका, Gaza Plan में Turkey और Qatar की एंट्री
Topics mentioned in this article