होर्मुज में ईरान और अमेरिका तनाव के बीच कर्मिशयल जहाज जीएफएस गैलक्सी पर हमला हुआ है. इस हमले को लेकर भारत की ओर से जवाब दिया गया है.
विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने कहा, "हम आज सुबह ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज GFS गैलेक्सी पर हुए हमले की निंदा करते हैं. जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से अब तक 10 को बचा लिया गया है, जबकि 1 भारतीय नागरिक लापता बताया जा रहा है. ओमान में हमारा दूतावास स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और चल रहे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में ओमानी अधिकारियों के साथ लगातार कोऑर्डिनेट कर रही है. हम ओमानी अधिकारियों को उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद देते हैं.
भारत ने शिपिंग जहाजों पर हमले को लेकर जताई चिंता
विदेश मंत्रालय ने कहा, "इस इलाके में कमर्शियल शिपिंग पर लगातार हो रहे हमले बहुत चिंता की बात हैं. हम तनाव को तुरंत कम करने और डिप्लोमैटिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को खत्म करने की अपनी मांग दोहराते हैं ताकि इस इलाके में शांति और स्थिरता लौट सके. इस इलाके में कमर्शियल शिपिंग और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और इस इलाके में इंटरनेशनल कानून के मुताबिक, इंटरनेशनल जलमार्गों से फ्री और बिना रुकावट के नेविगेशन और कॉमर्स को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए."
At 7:15 p.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching the third round of strikes this week against Iran after Islamic Revolutionary Guard Corps forces blatantly attacked M/V GFS Galaxy, a Cyprus-flagged container ship transiting the Strait of Hormuz. A civilian crew…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 11, 2026
किसने किया जहाज पर हमला?
अमेरिका का कहना है कि इस जहाज पर ईरान ने हमला किया था. इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कई शहरों और न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले किए. अमेरिका सेना की माने तो उसने करीब 140 ठिकानों पर बमबारी की है. हालांकि इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देश यूएई, बहरीन, कतर और जॉर्डन में स्थित अमेरिका सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.
CENTCOM का दावा है कि होर्मुज स्ट्रेट में M/V GFS Galaxy जहाज पर हुए हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी. वहीं ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, जहाज का क्रू जहाज छोड़कर लाइफबोट के जरिए सुरक्षित निकला गया था.