ईरान में अंडरग्राउंड सुरंग में रखा है परमाणु भंडार, बन सकते हैं कई न्यूक्लियर बम, IAEA चीफ की बड़ी चेतावनी

ईरान में तीन प्रमुख परमाणु केंद्र इस्फहान, नतांज और फोर्डो हैं. पिछले साल अमेरिका ने इन पर हमले किए थे, लेकिन जानकारों का मानना है कि ये ठिकाने पूरी तरह तबाह नहीं हो पाए थे.

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  • IAEA चीफ ने बताया कि ईरान का लगभग आधा यूरेनियम इस्फहान में सुरंग में था, मुमकिन है, अब भी वहीं हो
  • ग्रॉसी ने कहा कि ये यूरेनियम 60% एनरिच्ड है और इससे परमाणु हथियार बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं है
  • अमेरिका ने पिछले साल ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले किए थे. माना जा रहा है कि इस्फहान की ये सुरंग बच गई थी
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अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया तो सबसे बड़ी वजह यही बताई गई कि ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने लायक सामग्री है. अब संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि ईरान का लगभग आधा यूरेनियम इस्फहान इलाके में जमीन के नीचे बनी सुरंग में रखा था और हो सकता है कि अब भी वहीं पर हो. 

ईरान के पास 440 किलो से ज्यादा परमाणु भंडार?

अमेरिका-इजरायल और ईरान में छिड़े युद्ध के बीच ग्रॉसी ने बताया कि ये यूरेनियम 60 पर्सेंट शुद्धता तक एनरिच किया जा चुका है और इससे परमाणु हथियार बनाना बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं है. IAEA का अनुमान है कि पिछले साल युद्ध शुरू होने के समय ईरान के पास करीब 440.9 किलोग्राम ऐसा यूरेनियम था, जो थोड़ा और संवर्धित होने पर 10 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त है.

अमेरिकी हमले में बच गई यूरेनियम वाली जगह

जानकारी के लिए बता दें कि ईरान में मुख्य रूप से तीन परमाणु केंद्र हैं. इस्फहान, नतांज और फोर्डो. पिछले साल जून में अमेरिका ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर चलाकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे. फोर्डो केंद्र पर तो B2 बमवर्षकों ने 30-30 हजार पाउंड के बंकर बस्टर बम बरसाए थे, जो जमीन के 200 फुट नीचे तक तबाही मचाने में सक्षम हैं.

इन भीषण हमलों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने उस समय दावा किया था कि ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस्फहान परमाणु केंद्र के पास टनल कॉम्प्लेक्स इस हमले में सुरक्षित बच गया था. कुछ दिन पहले भी अमेरिका द्वारा ईरान के नतांज परमाणु केंद्र को निशाना बनाए जाने की खबर आई थी. 

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परमाणु सामग्री को शिफ्ट करने के संकेत नहीं

ग्रॉसी ने पेरिस में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि इस्फहान में आखिरी निरीक्षण के समय 60% शुद्धता वाला करीब 200 किलो यूरेनियम मौजूद था. सैटेलाइट तस्वीरों और अन्य तरीकों से की गई निगरानी से ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि इस्फहान से परमाणु सामग्री को कहीं और शिफ्ट कर दिया गया है. 

कुछ परमाणु सामग्री नतांज केंद्र में भी मौजूद

पिछले साल जून में हमलों के बाद से ईरान ने न तो IAEA को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम की स्थिति की जानकारी दी है और न ही अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को बमबारी वाले ठिकानों पर जाकर तहकीकात करने की अनुमति दी है. IAEA चीफ ने कहा कि हमें लगता है कि 60 पर्सेंट शुद्धता वाले यूरेनियम का कुछ हिस्सा ईरान ने अपने नतांज केंद्र में भी रखा हुआ है. 

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क्या अमेरिका भेजेगा जमीनी सैनिक?

हाल ही में एक खबर आई थी कि ईरान के परमाणु भंडार को कब्जे में लेने के लिए अमेरिका स्पेशल फोर्स भेजने पर विचार कर रहा है. इस मिशन का मकसद ईरान के बेहद सुरक्षित अंडरग्राउंड ठिकानों में घुसकर परमाणु सामग्री को जब्त करना या नष्ट करना है ताकि तेहरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सके. हालांकि ये साफ नहीं है कि ये मिशन सिर्फ अमेरिका का होगा या फिर इजरायल और अमेरिका दोनों मिलकर अपने सैनिक भेजेंगे. 

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