अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को अवैध घोषित किए जाने के बाद रिपब्लिकन पार्टी और अमेरिकी संसद में हलचल तेज हो गई है. इस बड़े झटके के बीच अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन ने संतुलित बयान दिया है. कोर्ट के फैसले की सीधी आलोचना करने से बचते हुए उन्होंने ट्रंप के समर्थन वाला रुख अपनाया है और विधायी तरीके से रास्ता निकालने की तरफ इशारा किया है.
हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ट्रंप की टैरिफ नीति का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ ने अमेरिका के लिए करोड़ों डॉलर जुटाए हैं. इससे अमेरिका की व्यापार रणनीति को काफी फायदा हुआ है.
स्पीकर ने आगे कहा कि इस टैरिफ की बदौलत अमेरिका काफी मजबूत स्थिति में आया है और दुनिया के देशों के साथ बेहतर व्यापारिक सौदे करना संभव हो पाया है. ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' की नीति ने उन देशों के साथ मजबूत और पारस्परिक व्यापारिक समझौते संभव बनाए हैं, जो दशकों से अमेरिकी श्रमिकों का फायदा उठा रहे थे.
स्पीकर ने कोर्ट के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देने के बजाय विधायी प्रक्रिया के जरिए समाधान निकालने की ओर इशारा किया है. उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस और प्रशासन मिलकर आने वाले हफ्तों में तय करेंगे कि बेहतर रास्ता क्या निकल सकता है. स्पीकर ने संकेत दिए हैं कि रिपब्लिकन पार्टी अब इस टैरिफ नीति को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए संसद में कानून लाने पर विचार कर सकती है.
गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से टैरिफ पॉलिसी को खारिज करते कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 1977 के जिन इमरजेंसी अधिकारों (IEEPA - इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनोमिक पावर्स एक्ट) का इस्तेमाल करके ये टैरिफ लगाए थे, उसका उन्हें अधिकार ही नहीं था. ये अधिकार उन्हें सिर्फ राष्ट्रीय इमरजेंसी के दौरान मिलते हैं. कोर्ट ने कहा कि टैरिफ या टैक्स लगाने या हटाने का अधिकार सिर्फ अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस को है.














