US सैनिकों द्वारा नष्ट किए गए चॉपर्स पर भी हाथ आजमाते दिखे तालिबान लड़ाके, हवाई अड्डे पर विशेष बल की परेड

कभी अफ़ग़ानिस्तान में सबसे सुरक्षित साइटों में से एक गिने जाने वाले काबुल हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल को कूड़े के ढेर में बदल दिया गया है. वहां, सभी प्रवेश द्वारों के पास खाली गोलियों के खोल बिखरे पड़े हैं. मंगलवार को हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क से सभी चौकियों और अवरोधों को हटा दिया गया था.

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काबुल (अफगानिस्तान):

20 साल बाद अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान (Afghanistan) से उड़ान भरने के कुछ घंटे बाद मंगलवार को तालिबान (Taliban) नेताओं ने काबुल हवाई अड्डे पर विजयी मुद्रा में मार्च किया. इसके अलावा विशेष बल के जवानों ने लड़ाकू किट पहनकर हवाई अड्डे पर परेड किया. गार्डों ने एयरपोर्ट पर नष्ट किए गए अमेरिकी हेलीकॉप्टरों की जांच भी की.

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने रनवे पर अधिकारियों के एक समूह का नेतृत्व किया. इस मौके पर उनकी पहले की बेरूखी वाली अभिव्यक्ति व्यापक मुस्कराहट में बदली हुई दिखी.

काबुल में हवाई अड्डे पर एक अफगान वायु सेना के विमान के कॉकपिट में बैठे तालिबान लड़ाके.

इस मौके पर तालिबान की तथाकथित "बद्री 313" विशेष बल इकाई ने तस्वीरें खिंचवाईं, अमेरिकी राइफलें लहराईं और तालिबान समूह का सफेद झंडा भी फहराया.

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कभी अफ़ग़ानिस्तान में सबसे सुरक्षित साइटों में से एक गिने जाने वाले काबुल हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल को कूड़े के ढेर में बदल दिया गया है. वहां, सभी प्रवेश द्वारों के पास खाली गोलियों के खोल बिखरे पड़े हैं. मंगलवार को हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क से सभी चौकियों और अवरोधों को हटा दिया गया था.

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद काबुल रनवे पर समूह के सदस्यों के साथ.

तालिबान के गार्ड का मूड भी बदल चुका है. अब वो नए जोश में दिखे. सड़कों पर ड्राइवरों और यात्रियों से हाथ मिलाते दिखे.

काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक प्रमुख मुद्दा है, और तालिबान ने बार-बार कहा है कि वह अफगानिस्तान में किसी भी विदेशी सैन्य उपस्थिति को स्वीकार नहीं करेगा. हवाई अड्डे पर दर्जनों विमान और सैन्य हेलीकॉप्टर खाली खड़े थे, अमेरिकी सेना ने उड़ान भरने से पहले अंतिम कार्रवाई में उन्हें बर्बाद कर दिया था.

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तालिबान की तथाकथित "बद्री 313" विशेष बल इकाई के जवान.

अमेरिकी सैनिकों ने रवाना होने के पहले बड़ी ही सूझबूझ से अपने कब्जे वाले तमाम लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और हथियारबंद वाहनों (Military Aircraft, Armored Vehicles) को निष्क्रिय कर दिया, ताकि तालिबान (Taliban) के हाथों में पड़ने के बावजूद इनका इस्तेमाल न किया जा सके. अमेरिकी सेना ने काबुल पर 15 अगस्त को तालिबान के कब्जे के बाद महज 15 दिनों में अपने नागरिकों और मददगारों की सुरक्षित वापसी के साथ इस काम को अंजाम दिया.

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