- मध्य पूर्व संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट ने देशों को ईंधन बचाने के लिए कड़े उपाय अपनाने पर मजबूर किया है
- श्रीलंका और बांग्लादेश में स्कूल बंद कर पेट्रोल-डीजल की राशनिंग और बिजली कटौती जैसे कदम उठाए गए हैं
- पाकिस्तान और फिलीपींस ने सरकारी कर्मचारियों के लिए चार दिन का कार्य सप्ताह लागू कर ईंधन की बचत की है
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में पैदा हुए अभूतपूर्व संकट ने दुनिया भर के देशों को ईंधन बचाने और अपनी अर्थव्यवस्थाओं को चालू रखने के लिए कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है. वर्तमान स्थिति को देखते हुए एशिया से लेकर अफ्रीका और यूरोप तक की सरकारों ने सार्वजनिक छुट्टियों, वर्क फ्रॉम होम, ईंधन की राशनिंग और औद्योगिक तालाबंदी जैसे तरीके अपनाए हैं ताकि सीमित ईंधन भंडार का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जा सके.
श्रीलंका-बांग्लादेश में स्कूल बंद, तेल का कोटा फिक्स
एशियाई देशों में श्रीलंका ने स्कूलों, विश्वविद्यालयों और गैर-अनिवार्य सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य छुट्टी घोषित कर दी है. साथ ही साथ क्यूआर कोर्ड बेस्ड सिस्टम बनाया है, जिससे पेटोल-डीजल का कोटा तय कर दिया है. इस पास के जरिए एक व्यक्ति को हफ्ते में 15 लीटर से ज्यादा पेट्रोल-डीजल नहीं मिल सकता.
बांग्लादेश ने बिजली के भार को कम करने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन मोड पर स्थानांतरित कर दिया है और कपड़ा निर्यात क्षेत्र को प्राथमिकता देने के लिए घरेलू स्तर पर पांच घंटे की बिजली कटौती लागू की है.
भूटान ने ईंधन की जमाखोरी रोकने के लिए जेरी केन में बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और आपातकालीन सेवाओं के लिए राशनिंग प्राथमिकता तय की है.
यह भी पढ़ेंः मिडिल ईस्ट जा रहे अमेरिका के 5 जंगी जहाज, इनमें 4,500 मरीन कमांडो... क्या ईरान में शुरू होगा ग्राउंड ऑपरेशन?
पाकिस्तान में 4 दिन होगा काम
पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों के लिए 4 डे वीक लागू कर दिया है. सरकारी विभागों के ईंधन आवंटन में भी 50 फीसदी की कटौती कर दी है. फिलीपींस ने भी अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए 4 डे वीक अपनाया है और गैर-अनिवार्य सार्वजनिक यात्राओं पर रोक लगा दी है. वियतनाम ने भी लोगों से वर्क फ्रॉम होम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की है. म्यांमार में ईंधन की भारी कमी से पेट्रोल पंप बंद हो रहे हैं, इसलिए वहां की सरकार ने गाड़ियों के लिए ऑड-ईवन सिस्टम लागू कर दिया है. कंबोडिया में भी अनिश्चितता के चलते लगभग एक तिहाई पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं.
यह भी पढ़ेंः ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले से पलटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो तेहरान ने उड़ाया मजाक
और कहां-कहां क्या किया गया?
- लाओसः लोगों के लिए वर्क फ्रॉम होम को जरूरी कर दिया गया है. साथ ही यात्रा कम करने के लिए रोटेशनल शिफ्ट शुरू कर दी है.
- मिस्रः ऊर्जा बचाने के लिए मॉल और रेस्टोरेंट को रात 9 बजे तक बंद करने और सरकारी इमारतों को शाम 6 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है, साथ ही विज्ञापनों वाले बिलबोर्ड की लाइटें भी बंद कर दी गई हैं.
- केन्याः ईंधन राशनिंग के साथ निर्यात पर प्रभावी प्रतिबंध लगा दिया है क्योंकि वहां का भंडार अप्रैल तक ही चलने की उम्मीद है.
- दक्षिण अफ्रीकाः डीजल की कमी और पैनिक बाइंग को रोकने के लिए उद्योग स्तर पर नियंत्रित आवंटन उपाय लागू किए हैं.
- न्यूजीलैंडः सरकार 1979 के दौर की कार-फ्री डे की नीति को फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है, जिसमें लोगों को हफ्ते में एक दिन गाड़ी न चलाने का दिन चुनना होगा. एयर न्यूजीलैंड की सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.
- यूरोपः स्लोवाकिया ने डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए आधिकारिक खरीद कोटा लागू किया है. इसी तरह स्लोवेनिया में देश के दूसरे सबसे बड़े ईंधन रिटेलर ने स्थानीय आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कारों और ट्रकों के लिए ईंधन की सीमा तय कर दी है.
यह भी पढ़ेंः F-15, F-35, THAAD सिस्टम, यूएसएस गेराल्ड… अमेरिका-इजरायल के कितने शेर, ईरान युद्ध में हो गए ढेर












