- पाब्लो एस्कोबार ने 1976 में मेडेलिन कार्टेल की स्थापना कर अमेरिका में कोकीन तस्करी का एकाधिकार हासिल किया था
- 1993 में कोलंबियाई पुलिस ने एस्कोबार को मार गिराया, क्योंकि वो आत्मसमर्पण करने के बाद भाग चुका था
- एस्कोबार के निजी चिड़ियाघर से छोड़े गए चार दरियाई घोड़े अब कोलंबिया में लगभग एक सौ सत्तर तक बढ़ गए हैं
ड्रग लॉर्ड पाब्लो एस्कोबार. पूरा नाम पाब्लो एमिलियो एस्कोबार गैविरिया. एक वक्त दुनिया का सबसे अमीर इंसान. कहानी ऐसी कि हर अपराधी मानसिकता का व्यक्ति पाब्ला बनना चाहे पर अंत ठीक एक अपराधी वाला. 1 दिसंबर 1949 को जन्मे पाब्लो मेडेलिन कार्टेल का संस्थापक था. वो 'कोकीन का राजा' नाम से मशहूर इतिहास के सबसे धनी अपराधियों में से एक था. उसने अपने जीवन में लगभग 30 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति अर्जित की थी. उसके ड्रग कार्टेल ने 1980 के दशक और 1990 के दशक की शुरुआत में अमेरिका में कोकीन व्यापार पर एकाधिकार कर लिया था.
कैसे कमाई इतनी दौलत
रियोनेग्रो में जन्मे और मेडेलिन में पले-बढ़े एस्कोबार ने मेडेलिन के लैटिन अमेरिकी स्वायत्त विश्वविद्यालय में थोड़े दिन पढ़ाई की, लेकिन उसका मन नहीं लगा और स्नातक की उपाधि लिए बिना ही पढ़ाई छोड़ दी. उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा. अवैध सिगरेट और नकली लॉटरी टिकट से शुरूआत की. फिर वाहन चोरी और अन्य जघन्य अपराधों में भी शामिल रहा. 1970 के दशक की शुरुआत में, उसने नशे के कारोबार में हाथ डाला. अपहरण करके फिरौती भी मांगने लगा. 1976 में, एस्कोबार ने मेडेलिन कार्टेल की स्थापना की, जो पाउडर कोकीन का वितरण करता था, और पेरू, बोलीविया और इक्वाडोर से कोलंबिया होते हुए अमेरिका तक तस्करी का नया मार्ग बनाया. अमेरिका में एस्कोबार की घुसपैठ ने कोकीन की मांग में तेजी से वृद्धि की और 1980 के दशक तक यह अनुमान लगाया गया कि एस्कोबार कोलंबिया से अमेरिका में प्रति माह 70 से 80 टन कोकीन की खेप भेज रहा था. वह जल्दी ही दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक बन गया.
कैसे हुई पाब्लो की मौत
1982 के कोलंबियाई संसदीय चुनाव में , एस्कोबार लिबरल पार्टी के सदस्य के रूप में प्रतिनिधि सभा के वैकल्पिक सदस्य चुना गया. मगर कोलंबिया और अमेरिका की सरकार ने उस पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया. तब एस्कोबार ने गुस्से में एवियांका फ्लाइट 203 और डीएएस बिल्डिंग बम विस्फोटों की साजिश रच दी. 1991 में, एस्कोबार ने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. 1992 में, जब अधिकारियों ने उसे दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे थे तो वो भाग निकला और 1993 में, एस्कोबार को कोलंबियाई राष्ट्रीय पुलिस ने उसे मार गिराया.
मौत के बाद भी टेंशन दे रहा
मगर पाब्लो मौत के 30 साल बाद भी कोलंबिया को टेंशन दे रहा है. 1980 के दशक में एस्कोबार ने कोलंबिया के हैसिंडा नेपोल्स में अपने प्राइवेट चिड़ियाघर के लिए चार हिप्पो (एक नर, तीन मादा) इंपोर्ट किए थे. 1993 में उसकी मौत के बाद, वे भाग गए और मैग्डेलेना नदी घाटी में तेजी से ब्रीड करने लगे. वे इकोसिस्टम के लिए खतरा हैं. इसी चलते 14 अप्रैल 2026 को कोलंबियाई अधिकारियों ने देश के मध्य में स्थित एक क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे दर्जनों दरियाई घोड़ों (हिप्पो) को मारने की योजना को मंजूरी दे दी. ये स्थानीय प्रजातियों को विस्थापित कर रहे हैं.
हर उपाय हो गए फेल
कोलंबिया के पर्यावरण मंत्री इरेन वेलेज ने कहा कि इनकी आबादी को नियंत्रित करने के पिछले तरीके महंगे और असफल रहे हैं, जिनमें कुछ जानवरों की नसबंदी करना या उन्हें चिड़ियाघरों में भेजना शामिल है. वेलेज ने कहा कि इस उपाय से लगभग 80 दरियाई घोड़े प्रभावित होंगे. उन्होंने यह नहीं बताया कि शिकार कब शुरू होगा. वेलेज ने कहा, "अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो हम इनकी आबादी को नियंत्रित नहीं कर पाएंगे. हमें अपने पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने के लिए यह कदम उठाना होगा."
चार आए थे, अब हो गए 170
अफ्रीका के बाहर कोलंबिया एकमात्र ऐसा देश है, जहां जंगली दरियाई घोड़ों की आबादी पाई जाती है. ये दरियाई घोड़े उन चार दरियाई घोड़ों की संतान हैं, जिन्हें एस्कोबार 1980 के दशक में देश में लाया था, जब वह मैग्डालेना नदी घाटी में स्थित हैसिएंडा नेपोल्स नामक विशाल फार्महाउस में अपना निजी चिड़ियाघर बना रहा था. इस फार्महाउस में एक निजी लैंडिंग स्ट्रिप भी थी, जो उसके ग्रामीण निवास के रूप में काम करती थी. कोलंबिया के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 2022 में देश में लगभग 170 दरियाई घोड़े स्वतंत्र रूप से घूम रहे थे. हाल ही में, दरियाई घोड़ों को फार्महाउस से 100 किलोमीटर (60 मील) से अधिक उत्तर में स्थित क्षेत्रों में देखा गया है.
कोलंबिया में कई लोग कर रहे विरोध
कोलंबिया के पर्यावरण अधिकारियों का कहना है कि ये स्तनधारी जीव उन ग्रामीणों के लिए खतरा हैं, जिन्होंने उन्हें खेतों और नदियों में देखा है. वे नदी मैनेटिस जैसी स्थानीय प्रजातियों के साथ भोजन और स्थान के लिए भी प्रतिस्पर्धा करते हैं. चुनौतियों के बावजूद, दरियाई घोड़े पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं. हैसिएंडा नैपोल्स के आसपास के गांवों के निवासी दरियाई घोड़े देखने के लिए पर्यटन स्थल चलाते हैं और दरियाई घोड़े से संबंधित स्मृति चिन्ह बेचते हैं. कोलंबिया में पशु कल्याण कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से दरियाई घोड़ों को मारने के प्रस्तावों का विरोध किया है, उनका तर्क है कि उन्हें जीने का अधिकार है. उनका कहना है कि हिंसा के माध्यम से समस्या का समाधान करना एक ऐसे देश के लिए एक बुरा उदाहरण है जो दशकों से आंतरिक संघर्ष से जूझ रहा है.
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