बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बीच एक और दुखद मामला सामने आया है. जशोर जिले के मनीरामपुर में बदमाशों ने राणा प्रताप नामक हिंदू युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी. यह सनसनीखेज वारदात सोमवार (5 जनवरी) की शाम करीब 6 बजे कोपलिया बाजार इलाके में घटी. मृतक राणा प्रताप पत्रकार थे.
कहासुनी हुई, फिर गोलीबारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे. उन्होंने राणा को उनकी बर्फ की फैक्ट्री से बाहर बुलाया और बाजार में स्थित एक क्लिनिक के पास वाली गली में ले गए. वहां कुछ देर तक उनके बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद हमलावरों ने राणा के सिर को निशाना बनाकर कई राउंड गोलियां दागीं. हत्या की पुष्टि करते हुए मनोहरपुर यूनियन परिषद के अध्यक्ष अख्तर फारुक मिंटू ने बताया कि हमलावरों ने राणा को फैक्ट्री से निकालकर गली के मुहाने पर ले जाकर मौत के घाट उतारा और फिर मनीरामपुर की ओर सड़क के रास्ते फरार हो गए.
सात खाली गोलियों के खोल बरामद
घटनास्थल से पुलिस को सात खाली गोलियों के खोल बरामद हुए हैं, जो हमले की भयावहता को दर्शाते हैं. इस हत्याकांड के बाद इलाके के हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल व्याप्त है. स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहा है, लेकिन अभी तक हत्यारों की पहचान या गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.
वहीं, अखबार के समाचार संपादक अबुल कासिम ने कहा ने कहा कि राणा प्रताप हमारे कार्यवाहक संपादक थे. हालांकि, एक समय उनके खिलाफ मामले दर्ज थे. लेकिन उन्हें सभी मामलों में बरी कर दिया गया था. मैं यह नहीं कह सकता कि इस हत्या का कारण क्या था.
इस मामले में मनीरामपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी (ओसी) रजीउल्लाह खान ने कहा कि खबर मिलते ही हम घटनास्थल पर गए. शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर भेज दिया गया है. पुलिस इस घटना में शामिल लोगों की जांच कर रही है.
4 हिंदुओं की हो चुकी निर्मम हत्या
मालूम हो कि इससे पहले बांग्लादेश में दीपू दास, अमृत मंडल, बजेंद्र विस्वास और खोकोन दास नामक हिंदुओं की हत्या हुई है. दीपू दास की हत्या कथित ईशनिंदा के आरोप में की गई. जबकि कारोबारी खोकोन दास पर हमले के बाद भीड़ ने उन्हें पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया था. कई दिनों के इलाज के बाद खोकोन की मौत हुई थी.
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