जेल में कैद इमरान खान का लापता सीक्रेट डॉक्‍यूमेंट्स केस में बड़ा कबूलनामा

अमेरिका स्थित पाकिस्तानी दूतावास से एक गोपनीय राजनयिक जानकारी लीक होने के मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष से पूछताछ हुई है.

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इस्लामाबाद:

पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इमरान खान से संघीय जांच एजेंसी के आतंकवाद-रोधी अधिकारियों ने शनिवार को अटक जेल में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत गुप्त सूचना लीक मामले में पूछताछ की. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान इमरान खान ने  गोपनीय राजनयिक जानकारी(Cypher) खोने की बात स्वीकार की है. सत्तर-वर्षीय खान इस महीने की शुरुआत में भ्रष्टाचार के एक मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद फिलहाल तीन साल की जेल की सजा काट रहे हैं.

अमेरिका स्थित पाकिस्तानी दूतावास से एक गोपनीय राजनयिक जानकारी लीक होने के मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष से पूछताछ हुई है. ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, एफआईए की आतंकवाद-निरोधक शाखा (सीटीडब्ल्यू) ने दस्तावेज लीक करने के मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत खान से शनिवार को पूछताछ शुरू की.

एफआईए टीम ने अटक जेल में पीटीआई प्रमुख से एक घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की. इससे पहले इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने शुक्रवार को तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में अपनी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की याचिका पर सुनवाई को 28 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी। सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने वर्ष 2022 में ईसीपी में तोशाखाना मामला दायर किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि खान ने सरकारी उपहारों की बिक्री से प्राप्त आय को छुपाया था.

ईसीपी ने पहले खान को अयोग्य करार कर दिया और इसके बाद फौजदारी कार्यवाही के लिए सत्र अदालत में मामला दायर किया. अदालत ने खान को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया. वर्तमान में खान अटक जेल में हैं, जहां उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद गिरफ्तार कर रखा गया है. खान को पांच साल के लिये अयोग्य ठहराया गया है. कई रिपोर्ट के अनुसार, खान को अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल के दौरान विश्वभर के कई नेताओं से 14.0 करोड़ रुपये से अधिक के 58 उपहार मिले और उन सभी को उन्होंने बहुत मामूली राशि का भुगतान करके या बिना किसी भुगतान के अपने पास रखा.

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इस मामले में इमरान पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2018 से 2022 तक प्रधानमंत्री पद पर रहने के दौरान तोशाखाना से हासिल उपहारों और उनकी बिक्री से हुई आय के ब्योरे को ‘जानबूझकर छिपाया'. तोशाखाना एक सरकारी भंडारण विभाग है, जिसमें पाकिस्तानी अधिकारियों को विदेशी सरकारों से मिले उपहारों को रखा जाता है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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