- ईरान की सेना ने केशम द्वीप के पास सैन्य ठिकानों पर एक दर्जन से कम प्रोजेक्टाइल दागे, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ
- अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर ईरान के हमले के जवाब में लगभग 140 ठिकानों पर हमला किया
- ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान पर भी हमले कर अमेरिका के जवाबी हमलों का जवाब दिया
रविवार शाम को ईरान और कुवैत में नए हमले हुए, क्योंकि तेहरान और वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आमने-सामने थे और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के यातायात के लिए खुले होने को लेकर विरोधाभासी बयान दे रहे थे. ईरान ने अपने दो दक्षिणी द्वीपों पर हमले की सूचना दी, जबकि कुवैत ने कहा कि सीमा चौकियों और एक अपतटीय तेल प्लेटफार्म पर हमला हुआ है. अभी तक अज्ञात हमलों के बाद तेहरान और वाशिंगटन के बीच इस सप्ताह तीसरी बार गोलीबारी हुई, जिसमें होर्मुज पर नियंत्रण एक बार फिर केंद्रीय मुद्दा बन गया, जिससे प्रारंभिक समझौते को आगे बढ़ाने और मध्य पूर्व युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से चल रही वार्ता पर और भी सवाल उठने लगे हैं.
हमलों की शुरूआत रविवार की सुबह से ही शुरू हो गई. पहले अमेरिका ने ईरान पर हमला किया. यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में एक कंटेनर जहाज पर ईरान के हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें जहाज में आग लग गई थी और एक क्रू मेंबर लापता हो गया था. ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान जैसे देशों पर हमले करके जवाब दिया . ये देश जलडमरूमध्य के दूसरी तरफ हैं और तेहरान ने उनसे वहां ट्रैफिक को मैनेज करने में शामिल होने के लिए कहा है.
कहां-कहां हुए हमले
बाद में रविवार को, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने जलडमरूमध्य के पास स्थित केशम द्वीप के गवर्नर के हवाले से कहा कि वहां सैन्य ठिकानों पर एक दर्जन से भी कम प्रोजेक्टाइल दागे गए, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ. अमेरिकी सेना की ओर से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं आई. फारस की खाड़ी के सबसे बड़े द्वीप पर लगभग 150,000 लोग रहते हैं. IRNA ने कहा कि तटीय शहर बंदर अब्बास और उत्तर में स्थित शहर हाजीआबाद में भी धमाकों की आवाज सुनी गई. ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब ईरान और अमेरिका युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से किए गए अपने अंतरिम समझौते की 60-दिन की अवधि के लगभग आधे रास्ते पर हैं.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव चिंतित
यह जलडमरूमध्य, जो तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है और लंबे समय से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है, बातचीत में एक मुख्य अड़चन बन गया है, जिसके टूटने का खतरा है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक बयान में कहा कि वह गंभीर तनाव बढ़ने से बहुत चिंतित हैं.
ईरान के 140 ठिकानों पर हमला
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने रविवार को पहले कहा कि उसने मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, गोला-बारूद के भंडार, संचार उपकरण और अन्य साइटों सहित लगभग 140 ठिकानों पर हमला किया. उसने कहा कि हाल के दिनों की तुलना में ये हमले ज्यादा जोरदार थे और इनसे ईरान की जहाज़ों को धमकाने की क्षमता कमज़ोर हो जाएगी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NBC के "मीट द प्रेस" कार्यक्रम में कहा, "हमने कल रात उन पर जबरदस्त बमबारी की."
ईरान की नौसेना का एक अधिकारी मारा गया
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने बताया कि नौसेना का एक अधिकारी मारा गया. ईरान ने उस क्षेत्र के देशों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की जहां अमेरिकी सैन्य बल मौजूद हैं, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि केवल उसी का जलडमरूमध्य पर नियंत्रण होना चाहिए और संभवतः वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जाना चाहिए.ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी गालीबाफ ने लिखा, "एकतरफा समझौतों का दौर खत्म हो गया है." "हमने आपसे कहा था: अपनी बात पर कायम रहें या कीमत चुकाएं. सच्चाई सामने आ रही है."
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