पूर्व अमेरिकी फाइटर पायलट ने चेताया, ईरान से सीधे टकराने में बड़ा जोखिम, पानी के अंदर चलने वाले ड्रोन्स बढ़ा सकते हैं आफत

पूर्व अमेरिकी फाइटर पायलट ने चेतावनी दी है कि ईरान के अंडरवाटर ड्रोन्स होर्मुज में अमेरिकी जहाजों और तेल टैंकरों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं.

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  • पूर्व अमेरिकी पायलट ने कहा कि अमेरिका को ईरान के पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन्स को हल्के में नहीं लेना चाहिए
  • ईरान के पास शक्तिशाली ड्रोन और जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो अमेरिकी सेना के लिए चुनौती पैदा करती हैं
  • अमेरिका के पास होर्मुज स्ट्रेट खोलने की सैन्य क्षमता है, लेकिन ईरान की रणनीति और ताकत को कम नहीं आंकना चाहिए
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मिडिल ईस्ट में जारी जंग में भले ही अमेरिका के पास सैन्य ताकत ज्यादा हो, लेकिन ईरान भी हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. इस बीच पूर्व अमेरिकी F-15E लड़ाकू पायलट रायन बोडेनहाइमर ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को होर्मुज की खाड़ी में ईरान की हवा और पानी में लड़ने की तकनीक को कमतर नहीं आंकना चाहिए. उन्होंने कहा कि असली चुनौती ईरान के 'अनमैन्ड अंडरवाटर व्हीकल्स' (UUVs) यानी पानी के अंदर चलने वाले मानवरहित ड्रोन्स से है. ये बिना नजर में आए तेल के जहाजों को निशाना बना सकते हैं.

'ईरान के पास ताकतवर ड्रोन और मिसाइलें'

बोडेनहाइमर ने बताया कि अमेरिका की कुछ रक्षा कंपनियां इस व्यापार मार्ग में ईरान के UUVs का मुकाबला करने पर काम कर रही हैं. सैन्य चुनौतियों को देखते हुए होर्मुज को खोलने को लेकर बनी चिंता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'जो विमान उन नावों पर हमला कर रहे हैं, वह इस पहेली का सिर्फ एक हिस्सा है, क्योंकि ईरान के पास ड्रोन हैं, खासकर 'शाहिद' ड्रोन. उनके पास जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइलें भी हैं. 

पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन बदल रहे कहानी

इसके अलावा ईरान के पास नए मानवरहित पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन भी हैं. कम से कम उनके लिए तकनीक तो बेहतर हो ही गई है. हल करने लायक एक और समस्या यह है कि इन मानवरहित पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन को बिना पता चले आगे बढ़ने और किसी तेल टैंकर से टकराने से कैसे रोका जाए?

पूर्व अमेरिकी लड़ाकू विमान पायलट ने कहा, 'कई कंपनियां ऐसे मानवरहित पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन बनाने पर फोकस कर रही हैं, जो ईरान के इन मानवरहित पानी के नीचे चलने वाले वाहनों का मुकाबला कर सकें और उनसे लड़ सकें. उन कंपनियों में से एक लॉकहीड मार्टिन है. उन्होंने 'लैम्प्रे' नाम की एक चीज बनाई है, जिसमें समुद्र तल पर चुपचाप बैठे रहने, इन UUVs के आने का इंतजार करने और फिर उन पर हमला करने की क्षमता है.

ईरान को कम नहीं आंक सकता अमेरिका

उन्होंने कहा कि होर्मुज को खोलने के लिए अमेरिका के पास जरूरी सैन्य तकनीक और सेना मौजूद है. लेकिन ईरान को कम नहीं आंका जाना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि वाशिंगटन को दो से तीन सप्ताह का समय लेना चाहिए, ताकि युद्ध के मैदान को तैयार किया जा सकेऔर ईरान के हमले के बड़े जोखिम से बचा जा सके. उन्होंने कहा, 'ईरान कोई कमजोर नहीं है. दुश्मन को कभी कम मत आंकिए. मुझे पूरा भरोसा है कि अगर अमेरिका सच में चाहे, तो वह कुछ ही दिनों में होर्मुज को खोल सकता है, लेकिन इससे वहां मौजूद मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के कई सैनिकों की जान को खतरा हो सकता है.'

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ईरान लगातार बढ़ा रहा है अपनी सैन्य शक्ति

बोडेनहाइमर ने बताया कि ईरान सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहा है. ये वही लोग हैं जिन्होंने इराक और अफगानिस्तान के कई मिलिशिया गुटों को सड़क किनारे बम लगाना सिखाया था. सभी तटीय इलाकों और तटीय तोपखानों पर कब्जा करने के लिए 1,000 से 2,000 मरीन सैनिकों को भेजना एक बहुत बड़ा जोखिम है. इसलिए कुछ और हफ्ते का समय लेना बेहतर है. हमने कुछ दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप को इस बारे में बात करते सुना था. दो से तीन हफ्ते और ले लीजिए. युद्ध के मैदान को और अच्छी तरह तैयार कीजिए.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका थोड़ा और समय लेकर होर्मुज स्ट्रेट को खोल सकता है. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, 'थोड़ा और समय लेकर, हम आसानी से होर्मुज को खोल सकते हैं, तेल निकाल सकते हैं और बहुत सारा पैसा कमा सकते हैं.'

बता दें कि युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इंटरनेशनल शिपिंग पर जबरदस्त आर्थिक और लॉजिस्टिक दबाव डालने के लिए होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी कर दी थी. जहां एक तरफ अमेरिका इस समुद्री मार्ग को खोलने की कोशिश कर रहा है, वहीं ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने संकेत दिया कि तेहरान अपने विरोधियों पर दबाव और बढ़ा सकता है. इसके लिए वह दुनिया के एक और बेहद अहम समुद्री मार्ग 'बाब अल-मंडेब' स्ट्रेट को निशाना बना सकता है.

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