दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर अब ऐसा हाल हो गया है जैसे कोई बड़ा त्योहार चल रहा हो! नेपाल की तरफ से सिर्फ एक ही दिन में रिकॉर्ड संख्या में पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट फतह कर लिया. बर्फ, तूफान और ऑक्सीजन की कमी जैसी खतरनाक चुनौतियों के बावजूद 275 लोग 'दुनिया की छत' पर पहुंच गए. लेकिन इस रिकॉर्ड के साथ एक चिंता भी बढ़ गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि एवरेस्ट पर इतनी भीड़ बढ़ रही है कि वहां “ट्रैफिक जाम” जैसे हालात बन सकते हैं. खराब मौसम आया तो यह भीड़ खतरनाक साबित हो सकती है.
माउंट एवरेस्ट पर बना रिकॉर्ड
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि नेपाल की तरफ से एक ही दिन में रिकॉर्ड संख्या में पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने का कारनामा किया. अनुमान है कि बुधवार को करीब 275 लोग एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचे. दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर नेपाल की दक्षिणी तरफ या फिर चीन के तिब्बत क्षेत्र की उत्तरी तरफ से चढ़ाई की जा सकती है. हालांकि इस साल चीन ने अपने रास्ते को बंद रखा है.
पर्यटन विभाग के प्रवक्ता हिमाल गौतम ने एएफपी से कहा, “माउंट एवरेस्ट के इतिहास में एक दिन में चोटी तक पहुंचने वालों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है.” उन्होंने कहा, “हमें अभी आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि करनी है, क्योंकि हमें पर्वतारोहियों को प्रमाणपत्र भी जारी करने होते हैं.”
हिमाल गौतम ने यह भी कहा कि 2023 में चीन और नेपाल दोनों तरफ से एक ही दिन में इससे ज्यादा पर्वतारोही एवरेस्ट पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने संख्या नहीं बताई.
नेपाल की कमाई का एक बड़ा जरिया
1953 में एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे शेरपा द्वारा पहली बार एवरेस्ट फतह करने के बाद से नेपाल में पर्वतारोहण एक बड़ा और कमाई वाला कारोबार बन गया है. इस सीजन में नेपाल ने एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए रिकॉर्ड 492 परमिट जारी किए हैं. पर्वतारोहियों और उनके सहयोगी स्टाफ के लिए पहाड़ के नीचे टेंटों का पूरा शहर बसाया गया है.
पिछले महीने शुरू हुए इस साल के स्प्रिंग क्लाइंबिंग सीजन से अब तक पर्वतारोहियों और सहयोगी स्टाफ समेत करीब 600 लोग एवरेस्ट पर चढ़ चुके हैं. इतनी बड़ी संख्या ने फिर से एवरेस्ट पर बढ़ती भीड़ को लेकर चिंता बढ़ा दी है. नेपाल-चीन सीमा पर स्थित इस पहाड़ पर खराब मौसम की वजह से अगर चढ़ाई का समय कम हुआ, तो भीड़ बड़ी समस्या बन सकती है. संभावना है कि इस साल का क्लाइंबिंग सीजन जून के पहले हफ्ते तक खत्म हो जाएगा.














