ट्रंप की सैन्य घेराबंदी के बीच ईरान ने किया परमाणु परीक्षण? भूकंप से कांप उठी धरती

ईरान में भूकंप और परमाणु परीक्षण के बीच संबंध की अटकलों को इस तथ्य से भी जोर मिला कि फारस प्रांत के जिस मोहर कस्बे के पास भूकंप का केंद्र था, उससे ईरान का बुशहर परमाणु केंद्र ज्यादा दूर नहीं है.

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  • ईरान के दक्षिण में गुरुवार को 5.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र फारस प्रांत के मोहर कस्बे के पास था
  • भूकंप का केंद्र 10 किमी नीचे होने और मोहर से बुशहर परमाणु केंद्र की नजदीकी अटकलों को हवा दे रही है
  • ये भूकंप ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी करते हुए मिडिल ईस्ट में बड़ी सेना तैनात कर दी है
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मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपनी बड़ी फौज तैनात कर दी है. विमान वाहक युद्धपोत, जंगी जहाज, लड़ाकू विमान के बेड़े मोर्चा संभाल चुके हैं. आशंकाएं जताई जा रही हैं कि अगले कुछ दिनों में अमेरिका ईरान के ऊपर हमला शुरू कर सकता है. इस तनाव के बीच गुरुवार सुबह को ईरान में ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए. ईरान में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद चर्चाएं शुरू हो गईं कि कहीं ईरान ने परमाणु परीक्षण तो नहीं कर दिया. 

दक्षिणी इलाके में आया 5.5 तीव्रता का भूकंप

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) के मुताबिक, ये भूकंप ईरान के दक्षिणी इलाके में आया. इसकी तीव्रता 5.5 मापी गई. भूकंप का केंद्र फारस प्रांत के मोहर (Mohr) कस्बे से करीब 35 किलोमीटर दूर करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था. हालांकि यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने एक अलग रीडिंग जारी की, जिसमें ईरान में आए भूकंप की तीव्रता 4.4 बताई गई. ईरान की तरफ से इस बारे में कुछ नहीं बताया गया.

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अमेरिका-ईरान के बीच जंग जैसे हालात

अमेरिका और ईरान के बीच जंग जैसे हालात के बीच आए गुरुवार को आए भूकंप ने इन अटकलों को हवा दे दी कि कहीं ईरान के परमाणु परीक्षण की वजह से ये भूकंप तो नहीं आया. भूकंप का केंद्र 10 किमी नीचे होने से इन अटकलों को जोर मिला. हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी एजेंसी ने परमाणु परीक्षण की पुष्टि नहीं की है.

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ईरान में भूकंप और परमाणु परीक्षण के बीच संबंध की अटकलों को इस तथ्य से भी जोर मिला कि फारस प्रांत के जिस मोहर कस्बे के पास भूकंप का केंद्र था, उससे ईरान के बुशहर (Bushehr) परमाणु ऊर्जा केंद्र की दूरी लगभग 300 किलोमीटर है. सड़क मार्ग से ये दूरी तय करने में लगभग 4 घंटे लगते हैं. जिन इस्फहान और नतांज परमाणु केंद्रों पर अमेरिका ने पहले हमला किया था, वो दोनों करीब 700-800 किमी दूर हैं. 

कुछ दिन पहले भी आया था भूकंप

ये भी गौरतलब है कि हाल के दिनों में ये दूसरा मौका था, जब ईरान की धरती भूकंप से कांपी. इससे पहले रविवार 1 फरवरी की सुबह ईरान में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया था. इसका केंद्र भी दक्षिणी ईरान था. ये भूकंप यूएई टाइम के अनुसार सुबह 8:11 बजे महसूस किया गया था. 

अमेरिका लगाता रहा है आरोप

बता दें कि अमेरिका ईरान पर गुपचुप तरीके से परमाणु जखीरा रखने का आरोप लगाता रहा है. पिछले साल इन्हीं आरोपों के चलते उसने ईरानी परमाणु केंद्रों पर हमला किया था. ईरान अपनी ऊर्जा जरूरतों का हवाला देते हुए असैन्य तरीके से यूरेनियम संवर्धन का हवाला दे रहा है. ईरान से परमाणु डील को लेकर अमेरिका की जिनेवा में इसी हफ्ते दूसरे राउंड की बैठक हुई है, लेकिन मामला अभी अधर में है. वहीं दूसरी तरफ ट्रंप की मिडिल ईस्ट में सेना की तैनाती संकट गहराने का संकेत दे रही है. 

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