- अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम वार्ता के दौरान पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने विवादित ट्वीट किया
- ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को मानवता के लिए अभिशाप और दुष्ट बताते हुए नरसंहार का आरोप लगाकर निंदा की
- इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ख्वाजा आसिफ के ट्वीट को निंदनीय और अस्वीकार्य बताते हुए कड़ा जवाब दिया
पाकिस्तान में आज अमेरिका और ईरान में स्थायी युद्धविराम पर बातचीत चल रही है. दुनिया भर की नजरें आज पाकिस्तान पर हैं. ऐसे में अमेरिका और ईरान की तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी तो समझ में आती है, मगर मध्यस्थ बने पाकिस्तान से ही विरोधी आवाजें शुरू हो गईं हैं. नौबत यहां तक आ गई है कि पाकिस्तानी ही अब अपने हुक्मरानों को कोसने लगे हैं और उनके बोलने पर बैन लगाने की मांग करने लगे हैं.
ख्वाजा आसिफ ने क्या लिख दिया
दरअसल, आज ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ट्वीट किया. ट्वीट क्या ये आग लगाने वाली बात थी. उन्होंने लिखा, 'इजरायल दुष्ट है और मानवता के लिए अभिशाप है. जब पाकिस्तान में वार्ता होने जा रही है, तब इजरायल लेबनान में नरसंहार कर रहा है. पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या की जा रही है. जिन लोगों ने फलस्तीनी भूमि पर कैंसर जैसे इस देश की स्थापना की है, वो इन यहूदियों से मुक्ति के लिए काम करें.'
इजरायल का तीखा पलटवार
इस ट्वीट का जवाब सीधे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस से आया. ट्वीट में लिखा गया, 'पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की तरफ से इजरायल के विनाश का आह्वान बेहद निंदनीय है. यह ऐसा बयान नहीं है, जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त किया जा सके, खासकर उस सरकार से जो खुद को शांति का निष्पक्ष मध्यस्थ होने का दावा करती है.'
पाकिस्तानियों ने ही सुना दिया
हंगामा बढ़ा तो पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को अपना ट्वीट डिलिट करना पड़ा. माना गया कि ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान में ईरान-अमेरिका की वार्ता से अति उत्साहित होकर पाकिस्तान को मुस्लिम जगत का खलीफा बनाने के जोश में ये ट्वीट कर दिया. मगर रायता फैल चुका था. इजरायल वार्ता से एक दिन पहले ही अगले सप्ताह लेबनान से अमेरिका में वार्ता करने का ऐलान कर चुका है. ऐसे में आज की वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा था, मगर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने पूरा रायता फैला दिया. दुनिया भर में तो इसको लेकर प्रतिक्रिया हुई ही पर पाकिस्तान के बुद्धिजीवी भी अपने हुक्मरानों की अक्लमंदी पर चिढ़ गए.
प्रमुख पाकिस्तानी पत्रकार ताहिर नईम मलिक ने मंत्री की "ट्वीट करो और डिलीट करो" की आदत पर तीखा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को व्यंग्यात्मक सलाह दी है. उन्होंने लिखा, चल रही वार्ता के दौरान, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विदेश मंत्री इशाक डार के अलावा कोई अन्य संघीय मंत्री विदेश मामलों पर बयान न दे. यह अच्छा हुआ कि ख्वाजा आसिफ ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया.' जवाब में एक और पाकिस्तान पत्रकार शब्बीर डार ने लिखा, अगले आदेश तक कुछ मंत्रियों के बयान देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.' इससे पहले खुद शहबाज शरीफ 15 दिन के युद्धविराम वाले मैसेज में अपने देश की फजीहत करा चुके हैं. वो मैसेज दावा किया गया कि सीधा व्हाइट हाउस से उनके पास आया और उन्होंने कट पेस्ट सीधा अपने ट्वीटर अकाउंट से कर दिया.
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