समंदर में तैरता म्यूजियम! जो दुनिया नहीं सोचती वो दुबई करके दिखाता है- यह नक्शा भर हैरान कर देगा

The Dubai Arts Museum: दुबई में बन रहा यह आर्ट म्यूजियम पांच मंजिला होगा और इसमें 4 एग्जिबिशन गैलरी होंगे. इसमें लाइब्रेरी, स्टडी रूम के साथ-साथ आर्ट और पेंटिंग प्रैक्टिस के लिए भी भरपूर जगह होगा.

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  • दुबई में समुद्र के पानी में एक तैरता आर्ट म्यूजियम द दुबई आर्ट म्यूजियम बनाया जाएगा
  • विश्व प्रसिद्ध जापानी वास्तुकार टाडाओ एंडो ने इस म्यूजियम का डिजाइन तैयार किया है, जो उनका मास्टरपीस होगा
  • म्यूजियम पांच मंजिला होगा, जिसमें चार प्रदर्शनी गैलरी, लाइब्रेरी और आर्ट प्रैक्टिस के लिए जगह होगी
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UAE के प्रधानमंत्री और दुबई के शासक मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम का एक फेमस कोट है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हमारे पास 'असंभव' जैसा कोई शब्द है ही नहीं. UAE ने बार-बार यह साबित भी करके दिखाया है. अब UAE के सबसे नायाब शहर दुबई अपनी खूबसूरती में और चार चांद लगाने को तैयार है. दुबई में समंदर के पानी में एक तैरता आर्ट म्यूजियम यानी संग्रहालय बनने जा रहा है. शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इस द दुबई आर्ट म्यूजियम (DUMA) की घोषणा कर दी है जो दुबई क्रीक (जमीन को समंदर से जोड़ने वाला मुहाना) के बीचों बीच एक द्वीप पर स्थापित होने के लिए तैयार है.

आम तौर पर आपने कोई भी म्यूजियम जमीन पर बने देखा होगा लेकिन उसके विपरीत द दुबई आर्ट म्यूजियम का डिजाइन खाड़ी के पानी को अपनी वास्तुशिल्प पहचान में शामिल करता है. विश्व प्रसिद्ध जापानी वास्तुकार (आर्टिटेक) टाडाओ एंडो ने इस म्यूजियम का नक्शा तैयार किया है और यह उनका मास्टरपीस होगा. इसका उद्देश्य न्यूनतम आधुनिकतावाद को दुबई की जीवंत सांस्कृति के साथ मिलाना है.

शेख मोहम्मद ने इस प्रोजेक्ट को "दुबई की कलात्मक पहचान और सांस्कृतिक भावना का दर्पण" बताया है. उन्होंने शहर के रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने में इसकी भूमिका पर जोर दिया. यह म्यूजियम पांच मंजिला होगा और 4 एग्जिबिशन गैलरी होंगे. इसमें लाइब्रेरी, स्टडी रूम के साथ-साथ आर्ट और पेंटिंग प्रैक्टिस के लिए भी भरपूर जगह होगा. इसका निर्माण कार्य इस साल के अंत में शुरू होने की उम्मीद है और तीन साल के भीतर पूरा होने का अनुमान है.

यह प्रोजेक्ट अमीराती बिजनेसमैन अब्दुल्ला अल फुतैम और उनके बेटे उमर अल फुतैम के साथ पार्टनरशिप में किया जा रहा है, जो सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग को उजागर करती है. शेख मोहम्मद ने उनकी भागीदारी को "इस बात का एक उज्ज्वल उदाहरण बताया कि कैसे निजी उद्यम शहर की सांस्कृतिक और रचनात्मक अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान दे सकते हैं."

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