US Iran War and Peace Deal talks: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ्ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान को साइड लाइन कर दिया है. ट्रंप ने यह साफ किया है कि अब ईरान के साथ पाकिस्तान में कोई शांति वार्ता नहीं होगी. रविवार, 26 अप्रैल को फॉक्स न्यूज से बात करते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब बातचीत के लिए अमेरिका के वार्ताकार 18-18 घंटे की पाकिस्तान तक की यात्रा नहीं करेंगे. अब ईरान को बात करनी है तो या तो वह फोन पर बात करे या उसके लोग खुद वाशिंगटन आ जाए. इन सबके बीच ईरान के विदेश मंत्री रूस पहुंच चुके हैं जहां वह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने फॉक्स न्यूज से कहा, "मैंने कुछ समय पहले अपने लोगों को बताया था कि वे जाने के लिए तैयार हो रहे हैं, और मैंने कहा, 'नहीं, आप वहां जाने के लिए 18 घंटे की उड़ान नहीं भर रहे हैं. हमारे पास सभी कार्ड हैं. वे (ईरान) जब चाहें हमें कॉल कर सकते हैं, लेकिन अब हम बिना किसी बात के बैठे रहने के लिए 18 घंटे की उड़ान नहीं भरेंगे."
उन्होंने कहा, "वे जानते हैं कि समझौते में क्या होना है... उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, अन्यथा मिलकर बात करने का कोई कारण नहीं है." उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में बातचीत नहीं करने का निर्णय लेने का मतलब यह नहीं है कि संघर्ष फिर से शुरू हो गया है. उन्होंने कहा, "फिर से, हमारे पास सभी कार्ड हैं, उनके पास कोई सेना नहीं बची है. व्यावहारिक रूप से, ईरान के पास कोई नेता नहीं बचा है. हम नहीं जानते कि वहां नेता कौन हैं. कोई नहीं जानता कि नेता कौन हैं - मुझे नहीं लगता कि वे जानते हैं कि नेता कौन हैं, बहुत महत्वपूर्ण बात है."
रूस पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे. ईरान के सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, "वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने और बातचीत करने के उद्देश्य से सोमवार सुबह जल्दी पहुंचे." वहीं मॉस्को की TASS समाचार एजेंसी ने भी रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव का हवाला देते हुए पहले पुष्टि की थी कि पुतिन अराघची से मिलने की योजना बना रहे हैं.














