- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अच्छे संबंधों को सार्वजनिक तौर पर दोहराया.
- ट्रंप ने भारत के रूसी तेल आयात पर लगाए गए भारी टैरिफ के कारण पीएम मोदी की नाराजगी का जिक्र किया.
- अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर कुल पचास प्रतिशत टैरिफ लागू किया है, जो तनाव का कारण बना है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अपने अच्छे संबंधों को दोहराया. हालांकि, उन्होंने भारत के रूसी तेल की खरीद पर लगाए गए हाई टैरिफ को लेकर पीएम मोदी की नाराजगी का भी जिक्र किया. ट्रंप ने कहा कि टैरिफ की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे ज्यादा खुश नहीं हैं.
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पीएम मोदी पर क्या बोले ट्रंप?
हाउस ऑफ रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों की बैठक में, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा बिक्री और शुल्क उपायों के संबंध में पीएम मोदी के साथ हुई अपनी बातचीत पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि हालांकि संबंध सौहार्दपूर्ण हैं, लेकिन टैरिफ के मुद्दे ने तनाव पैदा कर दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "पीएम मोदी के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन वे मुझसे खुश नहीं हैं, क्योंकि भारत को भारी टैरिफ देना पड़ रहा है. लेकिन अब रूस से तेल खरीद कम करने की वजह से उनके टैरिफ में काफी कमी आई है."
अमेरिका ने भारत पर लगाए कुल 50% टैरिफ
ट्रंप की यह टिप्पणी उस चेतावनी के एक दिन बाद आई है, जब उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर नई दिल्ली रूसी तेल इंपोर्ट पर अमेरिकी चिंताओं का समाधान नहीं करती है तो वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ और बढ़ा सकता है.
ट्रंप ने किया टैरिफ नीति का बचाव
ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वह असल में बहुत नेक और अच्छे इंसान हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं, और मुझे खुश करना उनके लिए ज़रूरी था. ट्रंप ने टैरिफ नीति का बचाव करते हुए कहा कि इन उपायों से अमेरिका को आर्थिक फायदा हो रहा है.
ट्रंप ने रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल की खरीद करके भारत पर रूस को मजबूत करने का आरोप लगाया है. इसी को भारतीय वस्तुओं पर भारी टैरिफ बढ़ोतरी का आधार बताया है. ट्रंप ने इसे प्रभावित करने के लिए टैरिफ दबाव भी डाला, यह जताते हुए कि नई दिल्ली को उनकी असंतुष्टि का पता था और स्थिर व्यापार संबंध बनाए रखना चाहती थी.
भारत ने ट्रंप के दावे को किया खारिज
इसी बीच, ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में संभावित मध्यस्थता करने की कोशिश की. उन्होंने व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ बातचीत की, हालांकि कोई ठोस सफलता नहीं मिली है.
भारत ने इससे पहले ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया था कि पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि नई दिल्ली रूस से तेल खरीदना बंद कर देगी, और साफ किया था कि ऐसी कोई बातचीत या आश्वासन नहीं दिया गया था.
बता दें कि रूस से भारी मात्रा में तेल खरीदे जाने की वजह से अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाए थे. दरअसल अमेरिका इसे यूक्रेन संघर्ष के बीच रूस की अर्थव्यवस्था को समर्थन देने वाला मानता है.
इनपुट-पीटीआई














