- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बिना मध्यस्थ के सीधे बातचीत करने की इच्छा जताई है
- ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ वार्ता शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक है
- पूर्व अमेरिकी प्रशासन की तुलना में ट्रंप की ईरान नीति में बदलाव देखा जा रहा है
ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता की एक और दौर की बातचीत होनी है. जगह वही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद. पिछली बार ईरान की शर्तें न मानना और अमेरिका की अत्यधिक मांगों के बाद बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला था. इस बार ईरान ने फिर एक शर्त रखी है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस आएंगे तभी बात करेंगे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो कुछ और ही प्लान किया है. ट्रंप ने सीधे कहा है कि उन्हें खुद ईरान से बातचीत करने में कोई दिक्कत नहीं है.
ईरान से सीधे बात करेंगे ट्रंप
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सप्ताह इस्लामाबाद में ईरान से सीधे बात करने आ सकते हैं. वो या तो खुद मौजूद रहेंगे या फिर वर्चुअली भी शामिल हो सकते हैं. रिपोर्ट ने एक पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच घोषित दो हफ्ते का संघर्षविराम बुधवार को समाप्त होने वाला है.ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि इस संघर्षविराम का आगे बढ़ाया जाना काफी असंभव है. इस वजह से आने वाला दिन बातचीत और शांति प्रयासों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
'मुझे उनसे बात करने में कोई दिक्कत नहीं है...'
डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले द न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा कि मुझे उनसे मिलने में कोई आपत्ति नहीं है.उन्होंने कहा, “अगर वे मिलना चाहते हैं, तो हमारे पास बहुत सक्षम लोग हैं, लेकिन मुझे उनसे मिलने में कोई समस्या नहीं है.” डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत के नए दौर की तैयारी चल रही है, भले ही तेहरान ने इसमें शामिल होने को लेकर हिचक दिखाई हो. ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए इस्लामाबाद जाने वाले हैं.
रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने कहा,“वे अब निकल रहे हैं.” राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत के विफल होने की आशंकाओं को बढ़ा‑चढ़ाकर बताया जा रहा है.उन्होंने भरोसा जताया कि अंततः दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आएंगे. ट्रंप ने कहा, “हमें बातचीत करनी ही है, इसलिए मुझे लगता है कि इस समय कोई भी खेल नहीं खेल रहा है.”
सीजफायर आगे नहीं बढ़ेगा
हालांकि,दोनों के बीच शुरू होने की संभावना अभी भी काफी ज्यादा बनी हुई है. डोनाल्ड ट्रंप ने ब्लूमबर्ग से कहा कि यह “काफी असंभव” है कि संघर्षविराम को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि अगर तय समयसीमा तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो फिर से लड़ाई शुरू हो सकती है.एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने आगे की राह को लेकर मिले‑जुले संकेत दिए हैं. एक तरफ उन्होंने भरोसा जताया कि बातचीत जल्द शुरू हो सकती है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीति असफल रहने पर हालात बिगड़ने की चेतावनी भी दी. एपी के मुताबिक, ट्रंप ने आगाह किया कि अगर संघर्षविराम खत्म होने से पहले कोई समझौता नहीं हुआ, तो “बहुत सारे बम गिरने शुरू हो सकते हैं”.
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