- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 56वीं वार्षिक बैठक 19 जनवरी से 23 जनवरी तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित हो रही है
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की स्थापना 1971 में क्लॉस श्वाब ने की थी और इसका मुख्यालय जिनेवा में स्थित है
- इस मंच का उद्देश्य वैश्विक नेताओं, व्यापारियों और बुद्धिजीवियों को एक साथ लाकर वैश्विक एजेंडा तैयार करना है
स्विट्जरलैंड के दावोस में 19 जनवरी से विश्व आर्थिक मंच यानी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक शुरु हो गई है. यहां दुनिया भर के राजनीतिक नेता, बिजनेसमैन और नागरिक समाज के प्रतिनिधि जमा होंगे और यह बैठकर 23 जनवरी तक चलेगी. इसबार WEF की वार्षिक बैठक का थीम 'ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग' रखा गया है. NDTV भी ग्राउंड से आपको हर पल के अपडेट और उसके पीछे की एनालिसिस देने के लिए दावोस पहुंच चुका है.
चलिए यहां हम आपको आसान शब्दों में बताते हैं कि आखिर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम है क्या, इसे कब और क्यों बनाया गया. इसकी अहमियत क्यों है. इस बार की बैठक खास क्यों होने जा रही है.
Q- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम क्या है?
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है. पिछले पांच दशकों से अधिक समय से, इसने वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने और सामूहिक कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए सरकार, बिजनेस, नागरिक समाज, शिक्षा जगत, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और अगली पीढ़ी के नेताओं को एक साथ एक मंच पर लाने का काम किया है. आसान शब्दों में कहें तो इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया के शीर्ष नेताओं, व्यापारिक दिग्गजों और बुद्धिजीवियों को एक साथ लाकर वैश्विक, क्षेत्रीय और औद्योगिक एजेंडे को आकार देना है.
Q- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को कब बनाया गया?
इसकी स्थापना 1971 में जर्मन इंजीनियर और अर्थशास्त्री क्लॉस श्वाब ने की थी.
Q- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठख अहम क्यों है?
WEF संवाद, सहयोग और कार्रवाई के लिए एक निष्पक्ष मंच प्रदान करता है. यह भू-राजनीतिक और सामाजिक बदलावों के समय में विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं के बीच सार्थक बातचीत और विश्वास स्थापित करने का काम करता है. साथ ही यह मंच तमाम देशों को अपनी निवेश क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देता है. उदाहरण के लिए, 2026 में भारत अपने 'गिफ्ट सिटी' (GIFT City) और विभिन्न राज्यों (जैसे कर्नाटक, तेलंगाना) की निवेश क्षमता को वैश्विक निवेशकों के सामने पेश कर रहा है.
यह संस्था कई महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट जारी करती है, जैसे ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट, ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस रिपोर्ट.
Q- दावोस 2026 में किस बात पर फोकस होगा
2026 की बैठक का मुख्य विषय या थीम 'संवाद की भावना' (A Spirit of Dialogue) है. दावोस 2026 में यह पता लगाया जाएगा कि भू-राजनीतिक जोखिम, आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षा, संप्रभुता और वैश्विक एकीकरण के आसपास बदलती धारणाओं के बीच सहयोग को कैसे नया रूप दिया जा सकता है, उसे मजबूत किया जा सकता है. WEF के 56वें संस्करण में वैश्विक नेता, वरिष्ठ राजनयिक, उद्योग विशेषज्ञ, थिंक टैंक और सामाजिक उद्यमी जलवायु परिवर्तन सहित वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए दावोस में जुटे हैं.
यहां जो चर्चाएं होंगी वे लचीलेपन, प्रतिस्पर्धात्मकता और समावेशी विकास का समर्थन करने के लिए व्यावहारिक और समाधान निकालने वाले रास्तों पर केंद्रित होंगी. आधिकारिक वेबसाइट में कहा गया है कि इसमें भू-राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता को मैनेज करने की रणनीतियों के साथ-साथ जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी परिवर्तनकारी टेक्नोलॉजी की जिम्मेदारी वाले इस्तेमाल पर जोर देना भी शामिल है.
Q- दावोस 2026 में कितने देश होंगे शामिल
दावोस 2026 में 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 नेताओं के आने उम्मीद है. बैठक में उच्च स्तर की सरकारी भागीदारी दर्ज की जाएगी, जिसमें लगभग 400 राजनीतिक नेता भाग लेंगे, जिनमें लगभग 65 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख और G7 के छह नेता शामिल होंगे. उनके साथ लगभग 850 शीर्ष वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और अध्यक्ष, साथ ही लगभग 100 यूनिकॉर्न और प्रौद्योगिकी अग्रणी शामिल होंगे. सबसे अधिक नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर होगी.
Q- दावोस 2026 के भारतीय पवेलियन में कौन होगा
भारत दावोस में WEF की वार्षिक बैठक में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है.
केंद्रीय मंत्री
- रेलवे, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव
- कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान,
- नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी
- नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू
मुख्यमंत्री
- महाराष्ट्र के देवेंद्र फड़नवीस
- आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू
- तेलंगाना के ए रेवंत रेड्डी
- मध्य प्रदेश के मोहन यादव
- झारखंड के हेमंत सोरेन
- असम के हिमंत बिस्वा सरमा













