अमेरिका से कोविड डेटा चुराने का आरोपी चीनी हैकर इटली में गिरफ्तार- अब चीन ने दिया यह जवाब

33 साल के हैकर पर चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय के इशारे पर अमेरिका की यूनिवर्सिटीज, इम्यूनोलॉजिस्ट और कोविड ​​​​-19 के वैक्सीन, उपचार और टेस्ट पर रिसर्च करने वाले वायरोलॉजिस्ट को टारगेट करने के लिए काम करने का आरोप लगाया गया है.

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  • इटली के अधिकारियों ने मिलान के मालपेंसा एयरपोर्ट पर एक चीनी नागरिक जू जेवेई को अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय वारंट के बाद गिरफ्तार किया है.
  • जू जेवेई पर आरोप है कि वह चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय के निर्देश पर अमेरिका में कोविड-19 वैक्सीन रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों को निशाना बनाता था.
  • अमेरिका ने जू जेवेई को टेक्सास में प्रत्यर्पित करने के लिए इटली को औपचारिक अनुरोध भेजा है, जहां वह हैकिंग और पहचान चोरी के आरोपों का सामना करेगा.
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इटली के अधिकारियों ने एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिस पर संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक चीनी सरकार द्वारा प्रायोजित हैकिंग समूह का हिस्सा होने का आरोप लगाया है. दावा है कि इस हैकिंग समूह ने 2020 की शुरुआत में जब कोरोना महामारी अपने चरम पर थी, तब चीन की खुफिया एजेंसी के लिए अमेरिका से कोविड-19 वैक्सीन से जुड़े सिक्रेट चुराए थे. इटली के अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका द्वारा इस चीनी नागरिक- जू जेवेई के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वारंट जारी करने के बाद, उसे 3 जुलाई को मिलान के मालपेंसा एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था.

33 साल के जेवेई पर चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय के इशारे पर अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटीज, इम्यूनोलॉजिस्ट और कोविड ​​​​-19 के वैक्सीन, उपचार और टेस्ट पर रिसर्च करने वाले वायरोलॉजिस्ट को टारगेट करने के लिए काम करने का आरोप लगाया गया है. इस मामले में एक अन्य व्यक्ति झांग यू पर भी इस गतिविधि में भाग लेने का आरोप लगाया गया है, जिसके बारे में माना जाता है कि वह चीन में है.

जेवेई को मंगलवार को मिलान के एक कोर्ट में पेश किया गया. अमेरिकी न्याय विभाग ने उसे अमेरिका के टेक्सास में प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां वह वायर धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और हैकिंग से संबंधित आरोपों का सामना कर रहा है. इटली के न्याय मंत्रालय ने पुष्टि की कि अमेरिका ने जेवेई को अपने देश में लाने के लिए औपचारिक रूप से रोम को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा है.

अमेरिका का मानना ​​​​है कि यह चीनी नागरिक हाफनियम नाम के हैकिंग समूह से जुड़ा था, जिस पर 2021 में एक बड़े पैमाने पर जासूसी अभियान में माइक्रोसॉफ्ट ईमेल सॉफ्टवेयर में घुसपैठ करने का आरोप लगाया गया था.

चीन ने क्या कहा?

वाशिंगटन, डीसी में चीनी दूतावास ने कहा कि उसे जेवेई के मामले की कोई जानकारी नहीं है. लेकिन साथ ही उसने यह भी कहा कि "इसी तरह की अफवाहें पहले भी कई बार सामने आई हैं, और चीन पहले ही इस मामले पर अपना स्टैंड बता चुका है." दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने सीएनएन को दिए एक बयान में कहा, चीनी वैक्सीन रिसर्च और विकास "दुनिया में सबसे उन्नत में से एक है. चीन को तथाकथित चोरी के माध्यम से वैक्सीन प्राप्त करने की न तो आवश्यकता है और न ही इरादा है."

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