चीनी कंपनी DeepSeek के AI करिश्मे से हिला अमेरिकी शेयर बाजार, Nvidia के 600 बिलियन डॉलर स्वाहा

अमेरिकी टेक कंपनियों के शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. सोमवार को अमेरिका के शेयर बाजार खुलते ही एनवीडिया कॉर्प (Nvidia Corp) के शेयरों में ऐसी गिरावट हुई कि लोगों के होश उड़ गए.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Nvidia Corp के शेयरों में लगभग 13 प्रतिशत तक की गिरावट
नई दिल्‍ली:

दुनिया में AI को मुट्ठी में करने की एक ऐसी जंग छिड़ी है, जिसमें हर दिन धमाके हो रहे हैं. ताजा धमाका चीन ने कर दिया है. चीन का AI स्टार्टअप DeepSeek-R1 एक ऐसा सस्ता AI मॉडल लेकर आया है, जिसने अमेरिका के शेयर बाजार में खलबली मचा दी. सोमवार को चिप बनाने वाली अमेरिका की कंपनी Nvidia Corp के शेयरों में भूचाल आ गया. Chatgpt जैसे चीन के सस्ते AI मॉडल के खौफ में उसके 600 बिलियन डॉलर चंद मिनटों में स्वाहा हो गए. दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी Nvidia Corp की मार्केट वैल्‍यू में यह सबसे बड़ी गिरावट है. अमेरिका, चीन के इस नए एआई मॉडल से किस कदर दहशत में है, इसे इस बात से समझा जा सकता है कि राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अमेरिकी टेक कंपनियों को चेताते हुए इसे वेकअप कॉल बताया है.

Nvidia Corp की मार्केट वैल्‍यू में ऐतिहासिक गिरावट

अमेरिका की सबसे बड़ी टेक कंपनी एनवीडिया कॉर्प (Nvidia Corp) अब तक AI के क्षेत्र में सबसे आगे है. लेकिन चीन के एआई स्टार्टअप डीपसीक ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है. डीपसीक ने सोमवार को अमेरिका के शेयर बाजार खुलते ही एनवीडिया कॉर्प (Nvidia Corp) के शेयरों में ऐसी गिरावट हुई कि लोगों के होश उड़ गए. दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी Nvidia Corp की मार्केट वैल्‍यू में यह सबसे बड़ी ऐतिहासिक गिरावट है, जिससे दुनियाभर की टेक कंपनियों में दहशत है. 

क्या है DeepSeek?

  • चीन का एक अडवांस्ड AI मॉडल है DeepSeek.
  • चीनी की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले Hangzhou में DeepSeek नाम की ही रिसर्च लैब ने इसे डिवेलप किया है.
  • 2023 में क्वांटिटेटिव फाइनेंस का अनुभव रखने वाली चीन के एक AI इंजिनियर  लियांग वेनफेंग ने इसकी स्थापना की थी. 
  • चीनी का DeepSeek AI की दुनिया में लगातार कई बम फोड़ता रहा है. ताजा धमाका उसने चैट जीपीटी जैसा  एक सस्ता एआई मॉडल के जरिए किया है.


 

क्‍यों डीपसीक AI लग रहा लोगों को बेहतर विकल्‍प 

चीन की डीपसीक ने एक मुफ्ट AI लोगों के सामने पेश किया है. कंपनी का दावा है कि ये सस्‍ते चिप्‍स और कम डेटा का इस्‍तेमाल करता है. डीपसीक इस बात को भी चुनौती देता है कि एआई का डेवलेपमेंट मुख्‍य रूप से चिप्‍स और डेटा सेंटर जैसे कंपोनेंट की मांग को बढ़ाएगा. हैरान करने वाली यह है कि DeepSeek-V3 मॉडल को सिर्फ 5.6 मिलियन डॉलर में बनाया गया है. ये OpenAi, Google, Meta द्वारा अपने एआई मॉडल पर किये गए खर्च के आग कुछ नहीं है. ऐसे में AI के क्षेत्र में भी चीनी माल हिट होता नजर आ रहा है. Nvidia का 600 बिलियन डॉलर का यह नुकसान कई नामी कंपनियों के मार्केट कैप से कई गुना ज्यादा है.

Advertisement

Nvidia Corp के शेयरों में लगभग 13 प्रतिशत तक की गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी मार्केट में Nvidia Corp के शेयरों में लगभग 13 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है. बताया जा रहा है कि इस गिरावट से कंपनी की मार्केट वैल्‍यू में 465 बिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई है. एनवीडिया के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह डीपसीक का कम कीमत पर बेहतर AI मॉडल पेश करना बताया जा रहा है. यह अमेरिका की ओर से चीन को एडवांस्‍ड सेमीकंडक्टर तकनीक के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद हुआ है. अमेरिका ने कई देशों, यहां तक कि अपने सहयोगियों को भी एडवांस्‍ड एनवीडिया AI चिप्स की बिक्री सीमित कर दी है. ऐसे में चिप्‍स की भारी कमी दुनियाभर में देखी जा रही है.

Advertisement

दुनियाभर की टेक कंपनियों में बड़ी चुनौती

डीपसीक के AI असिस्‍टेंट ने अमेरिका के ऐप्‍पल ऐप स्‍टार पर ChatGPT को पीछे छोड़ने हुए नंबर एक पर पहुंच गया है. डीपसीक के आने के बाद अब  Nvidia जैसी बड़ी टेक कंपनियों के लिए यह एक चुनौती है कि वे कैसे नए और सस्ते आर्टिफिशियाल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स से मुकाबला करेंगी. बता दें कि भारत में AI संचालित डेटा सेंटर पर काम हो रहा है. 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Trump Tariffs Announcement: India पर 26% से कम हो जाएगा ट्रंप का टैरिफ ! Expert से समझाया कैसे?
Topics mentioned in this article