- PM मोदी चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर हैं.
- तियानजिन में एससीओ सम्मेलन के लिए जिओ हे नाम का एक ह्यूमनॉइड रोबोट तीन भाषाओं में सहायता प्रदान करता है.
- एक अन्य रोबोट 30 सेकेंड में आइसक्रीम बनाकर मीडिया सेंटर में पत्रकारों को सर्व कर रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन की दो दिवसीय यात्रा पर हैं. यहां वो न सिर्फ तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे बल्कि उससे पहले उन्होंने रविवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की है. वैसे तो सात साल से अधिक समय के बाद हो रही पीएम मोदी की पहली चीन यात्रा हर तरीके से सुर्खियां बटोर रही है, लेकिन दो और खास चीज है जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है. पहला जिओ हे नाम का एक ह्यूमनॉइड रोबोट (इंसान जैसा) जिसे तीन भाषाओं (चीनी, रूसी और अंग्रेजी) में मदद देने के लिए तैनात किया गया है. इसके अलावा एक और रोबोट है जो केवल 30 सेकेंड में आपको आपकी मनचाही आइसक्रीम बनाकर दे देता है.
जिओ हे: कमाल है यह ह्यूमनॉइड रोबोट
जिओ हे एक अत्यधिक विशिष्ट (स्पेशलाइज्ड) सर्विस रोबोट है, जिसे तियानजिन में 2025 एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए ही बनाया गया है. यह ह्यूमनॉइड AI असिस्टेंट है जो तीन भाषाओं में सहायता प्रदान कर सकता है, रियल टाइम में जानकारी को प्रोसेस कर सकता है और प्रोटोकॉल-अनुरूप तरीके से बातचीत कर सकता है.
जिओ हे ने शिखर सम्मेलन से पहले ANI को बताया, "मेरे सिस्टम अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों और शिखर सम्मेलन आयोजकों के बीच बिना किसी रूकावट के संचार की सुविधा के लिए भावनात्मक पहचान वाले एडवांस एल्गोरिदम, अनुकूली शिक्षण मॉड्यूल और व्यापक ज्ञान डेटाबेस को एक साथ इस्तेमाल करते हैं."
आईसक्रीम रोबोट
जिओ हे के साथ एक अन्य रोबोट को भी SCO शिखर सम्मेलन के मीडिया सेंटर में रखा गया है. यह भी इंसान की तरह ही दिखता है. इसको दो हाथ हैं और यह केवल 30 सेकेंड में आइसक्रीम सर्व कर देता है. एनडीटीवी भी इस रोबोट के पास पहुंचा. रोबोट के साथ मौजूद चीनी वॉलंटियर ने बताया कि यह रोबोट AI से संचालित है. इसके बाद दो हाथ हैं और दोनों एक साथ काम करते हैं ताकि वह लोगों के लिए आइसक्रीम बना सके. ऑर्डर देने से आइसक्रीम सर्व होने तक, केवल 30 सेकेंड का वक्त लगाता है. जब NDTV ने इस रोबोट को वनीला आइसक्रीम बनाने का ऑर्डर दिया तो वाकई इसने केवल 30 सेकेंड में यह काम कर दिया.
यह भी पढ़ें: कपिसा का योद्धा, चीन का सेनापति! एक 'भारतीय' जनरल लुओ हाओ-ह्सिन की अनसुनी कहानी