चीन, रूस के लड़ाकू विमानों ने QUAD बैठक के पास किया संयुक्त अभ्यास : जापान

अमेरिका (US) , भारत (India) , ऑस्ट्रेलिया (Australia) के नेता इस समय (Quad) के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत के लिए जापान (Japan) मौजूद हैं. पिछले साल नवंबर के बाद यह चौथी बार है जब रूस (Russia) और चीन (China) की लंबी-दूरी की संयुक्त उड़ानें जापान के निकट देखी गई हैं.   

विज्ञापन
Read Time: 16 mins
जापान में QUAD मीटिंग के दौरान चीन, रूस ने पास ही में किया लड़ाकू विमानों का अभ्यास

चीन (China) और रूस (Russia) के लड़ाकू विमानों (Fighter Jets) ने क्वाड मीटिंग (QUAD Meeting) के दौरान जापान (Japan) के निकट संयुक्त अभ्यास (Joint Exercise)  में उड़ान भरी. जापान के रक्षा मंत्री ने यह जानकारी दी है. नोबुओ किशी ने कहा कि उनकी सरकार ने रूस और चीन के सामने इन लड़ाकू विमानों की उड़ानों पर गहरी चिंता जताई है. इस समय अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया के नेता जापान के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत के लिए मौजूद हैं. जापान के रक्षा मंत्री ने समाचार एजेंसी एफपी को बताया कि हालांकि इन लड़ाकू विमानों ने हवाई सीमा का उल्लंघन नहीं किया  लेकिन नवंबर के बाद यह चौथी बार है जब रूस और चीन की लंबी-दूरी की संयुक्त उड़ानें जापान के निकट देखी गई हैं.   

किशी ने रिपोटर्स को बताया, चीन के दो बम वर्षक विमानों ने दो रूसी बमवर्षक विमानों के साथ जापान के सागर में संयुक्त अभ्यास किया और पूर्वी चीन सागर की ओर उड़ान भरी."

आगे उन्होंने बताया, "कुल चार विमानों में से दो नए चीनी बमवर्षक विमान थे जिन्होंने दो पुराने चीनी विमानों की जगह ली और दो रूसी बमवर्षक विमानों की जगह ली और उन्होंने पूर्वी चीन सागर से प्रशांत सागर की ओर उड़ान भरी."

उन्होंने कहा कि मंगलवार को केंद्रीय जापान से दूर उत्तरी कोकाइडो से नोटो प्रायद्वीप की ओर रूस के एक जानकारी इकठ्ठा करने वाले विमान ने भी उड़ान भरी. तोक्यो में हो रहे सम्मेलन के मद्देनजर इस कदम को खास तौर से "उकसाने वाला" बताया जा रहा है.

Advertisement

क्वाड नेताओं ने एक साझा बयान में चीन और रूस का सीधा नाम लिए बगैर मंगलवार को चेतावनी दी कि बल के प्रयोग से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मौजूदा स्थिति बदलने के किसी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा. इस बयान का संदर्भ यूक्रेन में हो रहे युद्ध से था. हालांकि चीन पर भी इस इलाके में ऐसी कई गतिविधियां करने का आरोप लगातार लगता है. 

किशी ने कहा कि जापान ने कूटनीतिक माध्यम से देश और क्षेत्र सुरक्षा चिंताओं को "जापान और रूस को बता दिया है. जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रमण की निंदा कर रहा है तो ऐसे में चीन का रूस के साथ मिलकर ऐसी किसी उकसाने वाली कार्रवाई में शामिल होना चिंता हमारी और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है."

Advertisement

जापान के अपने पड़ोसी देश चीन, रूस और दक्षिण कोरिया  के साथ संबंध ठीक नहीं हैं और सीमा विवाद हैं. जापान अपनी हवाई सीमा की सुरक्षा के लिए लगातार जेट भेजता रहता है.    
 

Featured Video Of The Day
Iran Israel War | Trump के दबाव में PAK का प्रोपेगेंडा? India VS Pakistan | Iran US Ceasefire
Topics mentioned in this article