- डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को चीन और पूरी दुनिया के लिए हमेशा के लिए खोलने का ऐलान किया
- ट्रंप ने कहा कि वे ईरान को हथियार नहीं भेजेंगे और शी जिनपिंग से अच्छे संबंध बनाएंगे
- अमेरिका-ईरान वार्ता इस्लामाबाद में 21 घंटे चली लेकिन बिना किसी समझौते के समाप्त हुई
अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बुधवार को कहा कि मैं चीन और दुनिया के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हमेशा के लिए खोल रहा हूं. उन्होंने आगे लिखा कि मैं यह उनके लिए भी कर रहा हूं और पूरी दुनिया के लिए भी. ऐसी स्थिति दोबारा कभी नहीं आएगी. उन्होंने इस बात पर सहमति जताई है कि वे ईरान को हथियार नहीं भेजेंगे. जब मैं कुछ हफ़्तों में वहां पहुंचूंगा, तो राष्ट्रपति शी मुझे गले लगाकर बहुत प्यार से मिलेंगे. हम मिलकर बहुत समझदारी से और बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं! क्या यह लड़ाई-झगड़े से कहीं बेहतर नहीं है??? लेकिन याद रखना, अगर ज़रूरत पड़ी तो हम लड़ने में भी बहुत माहिर हैं - किसी भी और से कहीं ज़्यादा बेहतर!
इस्लामाबाद की पीस टॉक हुआ था फेल
खास बात ये है कि इस्लामाबाद में 21 घंटे चली अमेरिका-ईरान वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हुई. इसके बाद ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने या वहां से निकलने वाले जहाजों को रोकेगी. इतना ही नहीं, जिन ‘न्यूट्रल' देशों के जहाज ईरान को सुरक्षित रास्ते के बदले भुगतान कर रहे थे, उन्हें भी इंटरसेप्ट करने की बात कही गई थी. ट्रंप का मकसद ईरान की तेल कमाई रोकना है, लेकिन इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.
सीजफायर से सुधरे हालात
इससे पहले 7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम जैसे समझौते के बाद हालात कुछ सुधरे थे. ईरान ने दो हफ्तों के लिए जहाजों को सीमित ट्रांजिट की इजाजत दी थी, जिससे तेल कीमतों में नरमी आई. लेकिन 12 अप्रैल को वार्ता फेल होने के बाद ट्रंप ने फिर सख्त रुख अपनाया और नाकेबंदी की घोषणा कर दी. इसके बाद ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई फिर 100 डॉलर के पार पहुंच गए.













