- ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर के बाद भी तेहरान के आसपास कई इलाकों में फिर से हमले हुए हैं
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को हथियार देने वाले देशों पर पचास प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है
- अमेरिका और ईरान ने दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति जताई थी, लेकिन लावन द्वीप की तेल रिफाइनरी में धमाका हुआ
ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर को अभी 24 घंटे का समय भी नहीं बीता है और तेहरान के पास कई इलाकों में एक बार फिर निशाना बनाए जाने की खबर आने लगी है. ईरानी मीडिया के अनुसार आज दुश्मन ने संघर्ष-विराम का उल्लंघन किया और तेहरान के आसपास के इलाकों पर फिर से हमला किया. तेहरान के कुछ हिस्सों में हवाई रक्षा प्रणाली की आवाज़ भी सुनी दी है.
इस सीजफायर के टूटने की आशंका उसी समय से दिखने लगी थी जब तमाम आश्वासन के बाद भी लेबनान पर इजरायल के हमले जारी थे. ईरान और अमेरिका के बीच लेबनान पर हमले और होर्मुज पर फिर सख्ती को लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हुआ. इसके बाद ट्रंप को सीजफायर की शर्तों को लेकर एक बयान भी देना पड़ा. इस बयान में ट्रंप ने कहा कि जिन भी देशों ने ईरान को हथियार देकर उसकी मदद की, हम उनपर 50 फीसदी टैरिफ लगा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान से सीजफायर होने के बाद अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ये बाते कही.
उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा, जिसके बारे में हमने यह तय किया है कि वह एक बहुत ही फ़ायदेमंद 'शासन परिवर्तन' (Regime Change) से गुज़रा है! अब यूरेनियम का संवर्धन नहीं होगा, और संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर, ज़मीन में दबी हुई (B-2 बॉम्बर्स) सारी परमाणु "धूल" को खोदकर निकाल देगा. यह अभी भी, और पहले भी, बहुत ही कड़ी सैटेलाइट निगरानी (Space Force!) के तहत रहा है. हमले की तारीख से लेकर अब तक किसी भी चीज़ को छुआ नहीं गया है.
दो हफ्तों के सीजफायर पर बनी थी सहमति
बुधवार की सुबह करीब साढ़े 4 बजे (भारतीय समयानुसार) अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर पर सहमति बनी थी. लेकिन कुछ ही घंटों बाद ईरान की तेल रिफाइनरी में बड़ा धमाके होने की खबर आई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये रिफाइनरी लावन द्वीप में है. आपको बता दें कि लावन द्वीप फारस की खाड़ी में है. फारस की खाड़ी में स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आईलैंड हैं. खास बात ये है कि लावन ईरान के प्रमुख कच्चा तेल निर्याता टर्मिनल में से एक है.
ईरान ने फिर तेज किए हमले
इस हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया. IRIB की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कुवैत और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइन और ड्रोन अटैक किए हैं. ईरान ने इस सीजफायर को भी अपनी जीत बताया. ईरान ने कहा कि अमेरिका को 10-सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इस प्रस्ताव में स्थायी युद्धविराम, सभी प्रतिबंधों को हटाना और इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू सेनाओं की वापसी शामिल है.
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