एक फोटो और 11 घंटे की कैद... एपस्टीन कांड से 377 साल बाद ब्रिटिश शाही परिवार पर लगा यह धब्बा

Britain Former Prince Andrew arrested: लगभग चार शताब्दियों में यह पहली बार था कि जब ब्रिटेन के शाही परिवार के किसी सदस्य को गिरफ्तार किया गया था. आखिरी बार 1649 में, जब चार्ल्स प्रथम को अंग्रेजी गृहयुद्ध के दौरान राजद्रोह के लिए फांसी दी गई थी.

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ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू को जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था
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  • ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस को एपस्टीन मामले में सार्वजनिक कार्यालय में कदाचार के संदेह में गिरफ्तार किया गया था
  • यह पहली बार था जब लगभग चार सौ साल में ब्रिटेन के शाही परिवार का कोई सदस्य पुलिस हिरासत में रखा गया था
  • एंड्रयू से पहले प्रिंस की उपाधि छीन ली गई है और अब उन्हें केवल माउंटबेटन-विंडसर के नाम से जाना जाता है
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एपस्टीन फाइलों के लाखों पन्ने जब से सामने आए हैं और उनसे जो खुलासे हुए हैं, उसने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा रखा है. अमेरिका के कुख्यात नाबालिग लड़कियों के यौन तस्कर जेफरी एपस्टीन के मामले में एक से बड़ी एक हस्तियों के चेहरे से नकाब हटे हैं और इसकी आंच में ब्रिटेन का शाही परिवार जल रहा है. ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू को जेफरी एपस्टीन के साथ उनके संबंधों के लिए सार्वजनिक कार्यालय में कदाचार के संदेह में ब्रिटिश पुलिस ने गुरुवार, 19 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें 11 घंटों तक हिरासत में रखा. यह उस देश में एक असाधारण कदम है जहां पुलिस अधिकारियों ने पहले शाही परिवार को शर्मिंदगी से बचाने की कोशिश की थी.

400 साल में पहली बार शाही परिवार का मेंबर गिरफ्तार

लगभग चार शताब्दियों में यह पहली बार था कि जब ब्रिटेन के शाही परिवार के किसी सदस्य को गिरफ़्तार किया गया था. यानी आधुनिक इतिहास में यह पहली बार था. आखिरी बार 1649 में, जब चार्ल्स प्रथम को अंग्रेजी गृहयुद्ध के दौरान राजद्रोह के लिए फांसी दी गई थी. यह दिखाता है कि वक्त कैसे बदल रहा है और हाल के सालों में राजशाही को मिलने वाले विशेषाधिकार कितने कम हो गए हैं (और यह पूरी तरह सही है.) एपस्टीन विवाद में नाम आने के कारण ही एंड्रयू से प्रिंस की उपाधी पहले ही छीन ली गई थी. अब उन्हें केवल एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर के नाम से जाना जाता है. एंड्रयू इसी महीने की शुरुआत में विंडसर कैसल के पास अपने लंबे समय के घर से निकाले जाने के बाद नॉरफॉक में राजा की निजी संपत्ति में चले गए थे.

टेम्स वैली पुलिस फोर्स ने कहा कि माउंटबेटन-विंडसर को पूर्वी इंग्लैंड में लगभग 11 घंटे हिरासत में रखे जाने के बाद गुरुवार शाम को रिहा कर दिया गया. रॉयल सैंड्रिंघम एस्टेट के पास पुलिस स्टेशन से निकलते हुए एक कार में उनकी तस्वीर खींची गई है. पुलिस ने कहा कि उसे जांच के तहत रिहा कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि उस पर न तो आरोप लगाया गया है और न ही उसे दोषमुक्त किया गया है. खास बात था कि जिस दिन एंड्रयू अपना 66वां जन्मदिन मना रहे थे, उसी दिन उन्हें गिरफ्तार किया गया.

पुलिस ने गुरुवार को पहले कहा था कि नॉरफॉक से 60 साल से ज्यादा उम्र के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था और वह हिरासत में था. ब्रिटेन में यह नियम है कि पुलिस की तरफ से संदिग्ध की पहचान उजागर नहीं की जाती है. 

वारयल हो रही तस्वीर

एंड्रयू की नॉरफॉक में एक पुलिस स्टेशन से बाहर निकलते हुए एक ऐसी तस्वीर खींची गई है जो वायरल हो गई है. जब रेंज रोवर कार नॉरफॉक में आयलशाम पुलिस स्टेशन से बाहर निकल रही थी, तो उसकी पिछली सीट पर पीछे को झुके हुए, आंखों में दहशत लिए एंड्रयू दिखे, जिसे कभी "प्लेबॉय प्रिंस" कहा जाता था. रॉयटर्स के फोटोग्राफर फिल नोबल द्वारा ली गई यह तस्वीर गुरुवार देर रात पब्लिश होने पर वायरल हो गई. 

ब्रिटेन के राजा ने भी जारी किया बयान

किंग चार्ल्स III ने अपने भाई की गिरफ्तारी पर एक बयान जारी करने का असामान्य कदम उठाया. राजा ने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से बता दूं: कानून को अपना काम करना चाहिए. चूंकि यह प्रक्रिया जारी है, मेरे लिए इस मामले पर आगे टिप्पणी करना सही नहीं होगा." 

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चार्ल्स ने एक बयान में कहा, "अब जो हो रहा है वह पूर्ण, निष्पक्ष और उचित प्रक्रिया है जिसके द्वारा इस मुद्दे की उचित तरीके से और उपयुक्त अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है. इसमें, जैसा कि मैंने पहले कहा है, उन्हें हमारा पूरा और पूरे दिल से समर्थन और सहयोग है."

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