"सूटकेस में बच्चों के शव" का मामला : न्यूजीलैंड पुलिस ने द कोरिया में महिला को किया गिरफ्तार

बच्चों की लाशों का पता एक परिवार ने लगाया था जिन्होंने ऑकलैंड में एक नीलामी के दौरान उन सूटकेसों को खरीदा था. पता चला कि शव कई वर्षों तक उस सूटकेसों में रखे हुए थे. पुलिस ने कहा कि मृतकों की उम्र पांच से 10 वर्ष के बीच थी.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
यह एक ऐसा मामला था, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया था ( फ्र
वेलिंगटन/सोल:

न्यूजीलैंड पुलिस ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया में एक महिला को गिरफ्तार किया है. इस महिला पर दो बच्चों की हत्या करने का आरोप है. इन बच्चों के शव पिछले महीने नीलामी में खरीदे गए सूटकेसों में पाए गए थे. न्यूजीलैंड ने उस महिला का प्रत्यर्पण करने के लिए आवेदन किया है. यह एक ऐसा मामला था, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया था, बच्चों की लाशों का पता अंजान परिवार ने लगाया जिन्होंने ऑकलैंड में एक भंडारण इकाई से उन सूटकेसों को खरीदा था. शव कई वर्षों तक उस सूटकेसों में रखे हुए थे. पुलिस ने कहा कि मृतकों की उम्र पांच से 10 वर्ष के बीच थी.

पुलिस ने कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के अधिकारियों के साथ मिलकर उस महिला की तलाश में पिछले तीन हफ्तों से काम कर रहे थे और उनका मानना था कि वह दक्षिण कोरिया में है. बीबीसी के अनुसार पुलिस ने छोटे बच्चों की पहचान करने के बाद उस महिला पर ध्यान केंद्रित किया था, जिनके नामों का खुलासा नहीं हुआ है.

डिटेक्टिव इंस्पेक्टर तोफिलाऊ फामानुइया वेलुआ ने कहा कि उस महिला को दक्षिण कोरिया की पुलिस ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया है और न्यूजीलैंड पुलिस उसकी जमानत मंजूर नहीं करने और उसका प्रत्यर्पण करने के लिए आवेदन करेगी. उन्होंने कहा कि पुलिस को इस अभियान में जनता का पूरा समर्थन प्राप्त हुआ. स्थानीय मीडिया के अनुसार संदिग्ध महिला का मृत बच्चों से जुड़ाव था. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, मृत बच्चों का परिवार कुछ वर्षों से ऑकलैंड में रह रहा था और उनकी मृत्यु से पहले उनके पिता की मृत्यु हो चुकी थी.

पुलिस ने कहा कि शवों का पता लगाने वाले परिवार ने अगस्त की शुरुआत में भंडारण इकाई से उन सूटकेसों को खरीदा था. अधिकारियों ने कहा कि उस परिवार का बच्चों की मौत से कोई संबंध नहीं था लेकिन शव मिलने के बाद उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा. 

Featured Video Of The Day
Sarvoday Programme: गांवों का सशक्तिकरण, भारत का रूपांतरण | M3M Foundation
Topics mentioned in this article