- बांग्लादेश में उस्मान हादी की हत्या को लेकर हादी के भाई ने सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाया है
- उस्मान हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने मोहम्मद यूनुस की सरकार पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया
- हादी की हत्या के बाद पूरे बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई है
बांग्लादेश में इंकबाल मंच के प्रवक्ता और छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या को लेकर बवाल जारी है. सवाल खुद बांग्लादेश की कमाल संभाल रहे अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पर उठ रहा है. अब तो उस्मान हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने मोहम्मद यूनुस को ही हत्या का आरोपी बताते हुए कहा है कि सरकार के लोगों ने आगामी राष्ट्रीय चुनाव को पटरी से उतारने के लिए हत्या की साजिश रची थी. सामने आए वीडियो में शरीफ उमर हादी को यह कहते सुना जा सकता है कि, "आप लोगों ने ही उस्मान हादी को मार डाला है और अब आप इसे एक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल करके चुनाव को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं."
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार हादी के बड़े भाई ने यह टिप्पणी मंगलवार, 23 दिसंबर की दोपहर ढाका में इंकलाब मंच द्वारा आयोजित "शाहिदी शोपोथ" कार्यक्रम के दौरान की. शरीफ उमर ने कहा कि उसके भाई चाहते थे कि फरवरी तक बांग्लादेश में राष्ट्रीय चुनाव हो जाएं. उन्होंने कहा कि भाई की इच्छा का सम्मान होना चाहिए और अधिकारियों से चुनावी माहौल को बाधित न करने का आग्रह किया.
हादी की हत्या के बाद से जल रहा बांग्लादेश
चुनाव की तारीख की घोषणा के अगले ही दिन, 12 दिसंबर को ढाका में उस्मान हादी को करीब से गोली मार दी गई थी. बाद में उन्हें 15 दिसंबर को अच्छे उपचार के लिए सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में व्यापक और हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. इंकलाब मंच ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह अंतरिम सरकार को हटाने के लिए एक जन आंदोलन शुरू करेगा.
उस्मान हादी, जुलाई विद्रोह के एक प्रमुख नेता थे. इसी जुलाई विद्रोह के कारण पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी. हादी को अगले साल फरवरी 2026 में होने जा रहे राष्ट्रीय चुनावों में ढाका -8 सीट से संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था. उन्होंने अपना नाम भी आगे कर दिया था. हादी की हत्या के बाद, मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने 20 दिसंबर को राष्ट्रीय शोक दिवस की घोषणा की थी.














