- बांग्लादेश के सुनामगंज जिले में हिंदू युवक जॉय महापात्रो को पहले पीटा गया और फिर जहर देकर मार दिया गया
- दिसंबर से अब तक बांग्लादेश में 14 हिंदुओं की हत्याएं हो चुकी हैं. इनपर भारत सरकार ने भी चिंता जताई है
- पाकिस्तान के सिंध प्रांत में झोपड़ी बनाने पर हिंदू मजदूर कैलाश कोल्ही की गोली मारकर हत्या कर दी गई
भारत के दो पड़ोसी देश... दोनों की सरहदें अलग हैं... सरकारें अलग हैं... लेकिन हिंदुओं के खिलाफ नफरत का पैटर्न बिल्कुल एक जैसा है. एक तरफ बांग्लादेश में एक हिंदू युवक को पहले बेरहमी से पीटा गया, फिर जहर देकर मार दिया गया... वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के सिंध में एक गरीब हिंदू मजदूर के सीने में गोली दागकर सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया गया क्योंकि उसने रहने के लिए एक कच्ची झोपड़ी बना ली थी.
दोनों के दिलों में नफरत का जहर
ये घटनाएं चीख-चीख कर कह रही हैं कि चाहे बांग्लादेश हो या फिर पाकिस्तान, इन दोनों मुल्कों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और नफरत गहरे तक पैठ चुकी है. बांग्लादेश और पाकिस्तान कभी एक मुल्क हुआ करते थे. लेकिन अलग होने के बाद भी हिंदुओं को लेकर वहां के मुसलमानों के रवैये में बदलाव नहीं आया है. दोनों देशों की सरकारें इसे शह दे रही हैं.
बांग्लादेशः हिंदू को पीटा, फिर जहर पिला दिया
पहली घटना बांग्लादेश के सुनामगंज जिले में हुई. इस दौरान दरिंदगी की हदें पार कर गईं. 8 जनवरी को भंगदोहोर गांव के हिंदू युवक जॉय महापात्रो को पहले बुरी तरह पीटा गया. उसके बाद अमीरुल इस्लाम नाम के स्थानीय मुस्लिम शख्स ने उसे जबरन जहर पिला दिया. उसे सिलहट के एमएजी उस्मानी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां आईसीयू में तड़पते हुए उसने दम तोड़ दिया.
पढ़ें पूरी खबर - पहले बेरहमी से पीटा, फिर जहर खिलाया... बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या
दिसंबर से 14 हिंदुओं की हत्याएं हो चुकीं
बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाने की ये कोई इकलौती घटना नहीं है. बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (BHBCUC) के मुताबिक, पिछले 18 दिनों में 7 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है और अकेले दिसंबर से अब तक यह आंकड़ा बढ़कर 14 तक पहुंच गया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि इन सांप्रदायिक हमलों को निजी दुश्मनी बताकर नजरअंदाज करना अपराधियों के हौसले बुलंद करने जैसा है.
पाकिस्तानः हिंदू के सीने में गोली मारकर हत्या
ठीक ऐसा ही खौफनाक मंजर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में देखने को मिला. बदिन जिले के एक गांव में प्रभावशाली जमींदार सरफराज निजामानी ने मामूली विवाद में खेतीहर मजदूर कैलाश कोल्ही के सीने में गोली मारकर जान ले ली. कैलाश का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने परिवार के सिर छिपाने के लिए जमींदार के खेत में एक कच्ची झुग्गी बना ली थी.
सड़कों पर प्रदर्शन, लगे जय श्रीराम के नारे
इस जघन्य हत्याकांड के बाद पाकिस्तान में हिंदुओं का गुस्सा फूट पड़ा. हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और हाथों में पोस्टर व तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पाकिस्तान की सड़कों पर 'जय श्री राम' के नारे भी गूंजे. यह हत्या सिंध के ग्रामीण इलाकों में प्रचलित सामंती व्यवस्था और अल्पसंख्यकों को 'कीड़े-मकोड़े' समझने वाली मानसिकता का जीता-जागता सबूत है.














