भारत-ऑस्ट्रेलिया FTA हुआ मंजूर, भारत के 6,000 से अधिक उत्पाद ऑस्ट्रेलियाई बाजार में छाने को तैयार

FTA लागू होने के बाद कपड़ा, चमड़ा, फर्नीचर, आभूषण और मशीनरी सहित भारत (India) के 6,000 से अधिक उत्पादों को ऑस्ट्रेलियाई बाजार (Australia Market) में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी.

विज्ञापन
Read Time: 15 mins
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी. 

ऑस्ट्रेलियाई संसद ने मंगलवार को भारत (India) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मंजूरी दे दी. अब दोनों देश आपसी सहमति से फैसला करेंगे कि यह समझौता किस तारीख से लागू होगा. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ''बड़ी खबर: भारत के साथ हमारा मुक्त व्यापार समझौता संसद से पारित हो गया है.'' भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (एआई-ईसीटीए) को लागू करने से पहले ऑस्ट्रेलियाई संसद द्वारा मंजूरी की आवश्यकता थी। भारत में इस तरह के समझौतों को केंद्रीय मंत्रिमंडल मंजूरी देता है.

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में कहा, ''खुशी है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते को ऑस्ट्रेलियाई संसद ने पारित कर दिया है.''

उन्होंने आगे लिखा, ''हमारी गहरी दोस्ती के चलते, यह हमारे लिए व्यापार संबंधों को पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ाने और बड़े पैमाने पर आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए मंच तैयार करता है.''

Advertisement

एक अधिकारी ने कहा कि अब दोनों पक्ष आपसी सहमति से फैसला करेंगे कि यह समझौता किस तारीख से लागू होगा। सीमा शुल्क अधिकारी इस संबंध में एक अधिसूचना जारी करेंगे.

एफटीए लागू होने के बाद कपड़ा, चमड़ा, फर्नीचर, आभूषण और मशीनरी सहित भारत के 6,000 से अधिक उत्पादों को ऑस्ट्रेलियाई बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी.

Advertisement

समझौते के तहत, ऑस्ट्रेलिया लगभग 96.4 प्रतिशत निर्यात (मूल्य के आधार पर) के लिए भारत को शून्य सीमा शुल्क पहुंच की पेशकश कर रहा है। इसमें कई उत्पाद ऐसे हैं, जिस पर वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में चार से पांच प्रतिशत का सीमा शुल्क लगता है.

वित्त वर्ष 2021-22 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 8.3 अरब डॉलर का माल निर्यात तथा 16.75 अरब डॉलर का आयात किया था.

Featured Video Of The Day
Israel Iran War: Strait of Hormuz खोलने के लिए War Ship नहीं भेजने से China पर भड़के Trump|Xi Jinping