होर्मुज में जहाज पर हमले में फंसे 24 भारतीय, VIDEO शेयर कर मांगी नेवी से मदद

होर्मुज में जहाज पर हमले का वीडियो फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है और बताया है कि यह 24 भारतीय नाविक जल्द से जल्द नेवी से मदद मांग रहे हैं.

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होर्मुज में जहाज पर हमले का वीडियो आया सामने (सोर्स- सोशल मीडिया)
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  • होर्मुज में एक जहाज पर हमला हुआ है और उस जहाज पर 24 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं
  • फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने अपने X हैंडल वीडियो शेयर किया है
  • ओमान तट के पास यह 24 भारतीय नाविक इंडियन नेवी की फौरन मदद मांग रहे हैं- FSUI

ईरान और इजरायल ने 2 महीने के सीजफायर में पहली बार एक-दूसरे पर हमला किया है और इससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है. इस तनाव के लपटें अब एक बार फिर होर्मुज में देखने को मिल रही है. अब इस इलाके से गुजर रहे एक जहाज पर हमला हुआ है और उस जहाज पर 24 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं. फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने अपने X हैंडल वीडियो शेयर करते हुए बताया कि ओमान तट के पास यह 24 भारतीय नाविक इंडियन नेवी की फौरन मदद मांग रहे हैं. इस वीडियो में दिख रहा है कि जहाज से काला धुआं उठ रहा है. बता दें कि दुनिया में तेल व्यापार का सबसे अहम रास्ता माना जाता है. यहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है.

होर्मुज खुला रहेगा, लेकिन ट्रांजिट शुल्क लगेगा- ईरान

इस हमले से इतर रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन यहां नई शर्तें लागू होगीं, जिनमें ट्रांजिट शुल्क (टोल) भी शामिल हो सकता है. रूस के अखबार इजवेस्टिया को दिए इंटरव्यू में (सोमवार को प्रकाशित) जालाली ने कहा, "होर्मुज निश्चित रूप से खुला रहेगा, लेकिन इसकी नई शर्तें ईरान और ओमान के अधिकारी तय करेंगे."

उन्होंने आगे कहा, "हम समझते हैं कि ईरान और ओमान इस स्ट्रेट से जुड़ी कुछ सेवाएं प्रदान करते हैं, और उन सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा." हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है. 

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भारत ने जारी की एडवाइजरी

इस तनाव के बीच ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास को भी एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है. दूतावास ने भारतीयों से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है. इसके साथ ही एडवाइजरी में कहा गया है कि जो लोग ईरान में मौजूद हैं वो किसी भी साधन के जरिए देश से बाहर निकल जाएं. ये एडवाइजरी तब जारी की गई है जब ईरान और इजरायल आमने-सामने की जंग कर रहे हैं.

इससे पहले इजरायल ने सीजफायर के बीच ईरान पर सीधे तौर पर कोई हमला नहीं किया था. ईरान को कमजोर करने के लिए इजरायल लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया था. 

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