ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया. ट्रंप और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच जारी खींचतान की पृष्ठभूमि में किंग चार्ल्स ने अमेरिका को अपने पश्चिमी सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यूक्रेन और ईरान जैसे वैश्विक संकटों के बीच ट्रांस-अटलांटिक संबंधों (अमेरिका-यूरोप संबंध) की आज सबसे कड़ी परीक्षा हो रही है और इसे टूटने नहीं दिया जा सकता.
अमेरिकी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस संबोधन में किंग चार्ल्स ने पुरानी यादों और भविष्य की चुनौतियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे इतनी बड़ी हैं कि कोई भी देश अकेले उनका भार नहीं उठा सकता. हमारे बीच चाहे कितने भी मतभेद या असहमति क्यों न हो, हम लोकतंत्र को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता में एकजुट हैं."
मैग्ना कार्टा से लोकतंत्र तक का जिक्र
किंग चार्ल्स का यह संबोधन 1991 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बाद किसी ब्रिटिश सम्राट द्वारा अमेरिकी कांग्रेस में दिया गया पहला भाषण है. उन्होंने कांग्रेस को 'लोकतंत्र का गढ़' बताते हुए ब्रिटिश और अमेरिकी कानून की साझा जड़ों पर जोर दिया. चार्ल्स ने उल्लेख किया कि ब्रिटेन के ऐतिहासिक कानूनी दस्तावेज 'मैग्ना कार्टा' का हवाला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 160 से अधिक मामलों में दिया जा चुका है.
कीर स्टार्मर पर तल्खी के बाद शाही स्वागत
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला का भव्य स्वागत किया. 21 तोपों की सलामी और सैन्य बैंड की धुनों के बीच ट्रंप का अंदाज काफी नरम दिखा. यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में ट्रंप ने ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की तीखी आलोचना की थी, क्योंकि स्टार्मर ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य रुख का समर्थन करने से इनकार कर दिया था.
समारोह के दौरान ट्रंप ने चर्चिल के मशहूर शब्द 'स्पेशल रिलेशनशिप' को दोहराते हुए कहा, "आजादी के बाद की सदियों में अमेरिकियों का ब्रिटेन से करीब कोई दोस्त नहीं रहा है."
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