11 दिन 11 देश... जानें-खामेनेई की हत्या के बदले में कहां-कहां बम बरसा चुका है ईरान

ईरान में शुरू हुई जंग का आज 11वां दिन है. 28 फरवरी से शुरू हुई ये जंग अब मिडिल ईस्ट तक फैल गई है. खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में कई देशों पर हमले किए हैं.

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  • अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान में 28 फरवरी को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई है
  • ईरान ने मध्य पूर्व के कई देशों में US सैन्य अड्डों और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं
  • ईरान ने इजरायल, सऊदी अरब, UAE, बहरीन, कतर, कुवैत, इराक, ओमान, अजरबैजान, साइप्रस और तुर्किए पर हमले किए हैं
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नई दिल्ली:

ईरान पर अमेरिका और इजरायल में हमले का आज 11वां दिन है. इन 11 दिनों में काफी कुछ बदल गया है. ईरान पर हमले से शुरू हुई ये जंग अब मध्य पूर्व तक फैल गई है. 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान बदले की आग में जल रहा है. ईरान के इस बदले की आग में मिडिल ईस्ट में अमेरिका के दोस्त जल रहे हैं. ईरान ने चुन-चुनकर मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बमबारी की. इतना ही नहीं, ऐसा भी कहा जा रहा है कि इन देशों में ईरान ने कई सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया है.

इजरायल ने भी दावा किया है कि ईरान ने नागरिक ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब ने बताया है कि रातभर ईरानी मिसाइलें आती रहीं. UAE का कहना है कि उसने सोमवार को उसने 17 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों और 6 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है. 

अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) का दावा है कि 28 फरवरी से ईरान में 12सौ से ज्यादा आम लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट का कहना है कि लड़ाई शुरू होने से सात अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं.

इस जंग की शुरुआत तब हुई थी, जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था. अमेरिका और इजरायल ने ईरानी लीडरशिप और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया था. इन्हीं हमलों में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. उनकी मौत के बाद ईरान ने उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है. इससे माना जा रहा है कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान किस हद तक बदले की आग में जल रहा है और वह सिर्फ और सिर्फ 'बदला' चाह रहा है.

11 दिन की जंग में कहां-कहां गिरीं ईरानी मिसाइलें?

  • इजरायल: 28 फरवरी के बाद से इजरायल पर ईरानी हमले जारी हैं. इजरायल ने दावा किया है कि रविवार रात ईरान ने रिशोन लेजियोन शहर पर क्लस्टर बॉम्ब से हमला किया था. इजरायली सरकार का दावा है कि ईरानी हमलों में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 2 हजार लोग घायल हो चुके हैं.
  • सऊदी अरब: ईरान 28 फरवरी के बाद से ही सऊदी अरब पर लगातार हमले कर रहा है. ईरानी हमलों के कारण पिछले हफ्ते सऊदी की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने अपनी रास तनूरा रिफाइनरी में तेल का उत्पादन बंद कर दिया था. सोमवार को सऊदी ने बताया कि शायबा ऑयल फील्ड की ओर बढ़ रहे 4 ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया. रविवार को ईरानी हमलों में दो लोगों की मौत हो गई थी.
  • संयुक्त अरब अमीरात: ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर अब तक 1,400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे जा चुके हैं. रविवार को ईरान ने UAE पर 16 बैलिस्टिक मिसाइलों और 200 ड्रोन से हमला किया था. शनिवार को दुबई एयरपोर्ट में धमाका हुआ था, जिसके बाद फ्लाइट ऑपरेशन को बंद कर दिया गया था. अभी भी यहां फ्लाइट ऑपरेशंस को पूरी तरह से चालू नहीं किया गया है. पिछले हफ्ते दुबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर भी ड्रोन अटैक के बाद आग लग गई थी.
  • बहरीन: ईरान के हमले बहरीन में भी हो रहे हैं. बहरीन की सरकार ने अपने लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है. सोमवार को बहरीन ने कहा कि एक ड्रोन हमले में 32 लोग घायल हो गए. बहरीन सरकार ने बताया कि 9 मार्च को एक ड्रोन अटैक में उसकी सबसे बड़ी ऑइल रिफाइनरी में आग लग गई.
  • कतर: मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा कतर में ही है. अमेरिकी सेना का यहां अल-उदीद बेस है, जिसे ईरान ने निशाना बनाया था. हालांकि, कतर का कहना है कि उसने ईरानी हमलों का नाकाम कर दिया था. ईरानी हमलों को लेकर कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि ईरान ने हमें धोखा दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका को बातचीत से अपने मसले सुलझाने चाहिए.
  • कुवैत: ईरान की ओर से लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं. कुवैत ने रविवार को कहा था कि ईरान के हमलों में उसके दो सैनिकों की मौत हो गई. इससे पहले कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्यूल टैंक पर ईरान ने ड्रोन अटैक किया था. वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को दावा किया कि उसने कुवैत में अल-अदिरी एयरबेस को निशाना बनाया, जिससे अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर रिपेयर सेंटर, फ्यूल टैंक और कमांड सेंटर तबाह हो गए.
  • इराक: पिछले हफ्ते शुक्रवार को ईरान ने दक्षिणी इराक की दो ऑइल फील्ड पर हमला किया था. ये हमले अमेरिकी कंपनियों से जुड़ीं ऑइल फील्ड्स पर हुए थे. उसी दिन ईरान ने इरबिल में रोटाना अरजान होटल पर ड्रोन से हमला किया था. इसके अलावा, इराक के बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी ईरान ने ड्रोन अटैक किया था.
  • ओमान: 5 मार्च को ईरान ने ओमान की खाड़ी में 'स्काईलाइट' नाम के ऑइल टैंकर पर हमला किया था. इस हमले में दो भारतीयों की मौत हो गई थी. 
  • अजरबैजान: 5 मार्च को ईरान ने अजरबैजान पर दो ड्रोन अटैक किए. अजरबैजान ने दावा किया था कि एक ड्रोन ने नखचिवन ऑटोनॉमस रिपब्लिक में एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग पर हमला किया, जबकि दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव में एक स्कूल बिल्डिंग के पास गिरा. अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने इसे आतंकी हरकत बताया था. हालांकि, सोमवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बार अरागची ने अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव को भरोसा दिलाया कि अजरबैजान में कोई हमला नहीं होगा.
  • साइप्रस: 2 मार्च को साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स ने दावा किया था कि अक्रोटिरी में ब्रिटिश एयरबेस पर शाहेद ड्रोन से हमला किया गया था. उन्होंने कहा था कि वह पूरी तरह से अलर्ट पर हैं. साइप्रस में हमले के बाद यूरोपियन यूनियन ने वहां सैन्य मदद भेजनी शुरू कर दी है. वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा कि जब साइप्रस पर हमला होता है तो ये यूरोप पर हमला होता है.
  • तुर्किए: सोमवार को ईरान ने तुर्किए पर भी मिसाइल हमला किया गया. तुर्किए के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया. तुर्किए के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरानी हमलों के बाद उत्तरी साइप्रस में 6 F-16 लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए गए हैं. वहीं, राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन ने भी कहा कि वह ईरान जंग में शामिल नहीं होना चाहते.

कब थमेगी जंग? नहीं पता

ये जंग फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है. अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने मुजतबा अली खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है. इसे सीधे-सीधे अमेरिका की कूटनीतिक हार माना जा रहा है. 

मुजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर चुनने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 'बहुत बड़ी गलती' की है.

वहीं, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची का कहना है कि ईरान के पास अमेरिका के लिए कई 'सरप्राइज' हैं. उन्होंने कहा कि ईरान, अमेरिका की उन सभी बुरी साजिशों का जवाब देने के लिए तैयार है, जिनका मकसद ईरानी अर्थव्यवस्था को तबाह करना है.

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