- मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण अजमल परफ्यूम्स की बिक्री में गल्फ इलाके में 15-20% तक गिरावट आई
- अजमल परफ्यूम्स की सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स में समस्याएं बढ़ी हैं जिससे शिपमेंट धीमे और महंगे हो गए हैं
- कंपनी कुछ प्रोडक्ट्स को हवाई मार्ग से भेजने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह खर्चीला और अस्थिर विकल्प है
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के व्यापारिक क्षेत्र पर साफ दिखने लगा है. इस इलाके के सबसे बड़े परफ्यूम ब्रांड्स में से एक, अजमल परफ्यूम्स ने मौजूदा हालातों को लेकर चिंता जताई है. NDTV ने अजमल परफ्यूम्स की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का दौरा किया, ताकि यह समझा जा सके कि यह स्थिति मार्केट पर कैसे असर डाल रही है.
बिक्री में गिरावट और ग्राहकों की कमी
अजमल ग्रुप के CEO अब्दुल्ला अजमल ने NDTV से बातचीत में बताया कि हालात चिंताजनक है. उन्होंने कहा, आमतौर पर यह समय परफ्यूम की बिक्री के लिए पीक सीजन होता है, लेकिन अब स्टोर्स में आने वाले ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है. पूरे गल्फ इलाके में यह गिरावट देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आंकड़ा बताना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन GCC मार्केट में इसका असर लगभग 15 से 20 परसेंट हो सकता है.
सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स का संकट
अब्दुल्ला अजमल ने बताया कि लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. उन्होंने कहा कि शिपमेंट अभी पहले की तरह नहीं हो रहे हैं, जिससे इलाके से एक्सपोर्ट पर असर पड़ा है. कंपनी कुछ प्रोडेक्ट को हवाई मार्ग से भेजने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह बहुत महंगा है और हर समय व्यावहारिक नहीं होता. उन्होंने आगे बताया कि अजमल परफ्यूम्स दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से कच्चे माल का आयात करता है. लेकिन कई कंसाइनमेंट समुद्र में अटके हुए हैं. अजमल ने कहा कि कंपनी के लिए स्थिति अभी गंभीर नहीं हुई है, लेकिन अगर रुकावटें एक या दो महीने और जारी रहती हैं, तो कच्चे माल की सप्लाई एक गंभीर चिंता का विषय बन सकती है.
'भारतीय बाजार अभी सेफ'
भारतीय बाजार के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत अभी काफी सुरक्षित है. कंपनी ने एक बड़े कैंपेन की तैयारी के लिए पहले ही बाजार में स्टॉक कर लिया है, जिसका मतलब है कि भारत में सप्लाई कम से कम अगले कुछ महीनों तक चलने की उम्मीद है. हालांकि उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर मौजूदा स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले हफ्तों में पूरे इलाके के बाजारों में और ज्यादा रुकावटें आ सकती हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि सरकारों के सामूहिक प्रयासों से स्थिति में निश्चित रूप से सुधार होगा.
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