AI से बनाया जा सकता है बायोलॉजिकल वेपन! टॉप AI कंपनी के चीफ ने बताया खतरा कितना बड़ा है

Anthropic के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि अब AI सिस्टम इतने एडवांस लेबल तक पहुंच गए हैं कि अगर उनका दुरुपयोग किया गया तो वे मानवता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं.

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AI से बनाया जा सकता है बायोलॉजिकल वेपन!
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  • एंथ्रोपिक कंपनी के CEO ने चेतावनी दी है कि एडवांस AI मॉडल जैविक हथियार बनाने का ज्ञान प्राप्त कर चुके हैं
  • जैविक हथियार सूक्ष्मजीवों या उनके टॉक्सिन से बनाए जाते हैं जो मनुष्यों और जानवरों के लिए गंभीर खतरा हैं
  • डारियो अमोदेई ने बताया कि AI मॉडल तेजी से बेहतर हो रहे हैं और भविष्य में इंसानों से अधिक क्षमता रखेंगे
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इंसानों के लिए टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे बड़ी उपलब्धि है या फिर सबसे बड़ी गलती? हर गुजरते वक्त के साथ यह सवाल और इसका जवाब अहम होता जा रहा है. एक बाद एक ऐसे खुलासे हो रहे हैं जो डराते हैं. दुनिया में AI की टॉप कंपनियों में से एक के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि अब AI सिस्टम इतने एडवांस लेबल तक पहुंच गए हैं कि अगर उनका दुरुपयोग किया गया तो वे मानवता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं. एंथ्रोपिक कंपनी के CEO डारियो अमोदेई ने दावा किया है कि एडवांस AI मॉडल में या तो पहले से ही जैविक हथियार (बायोलॉजिकल वेपन) बनाने में मदद के लिए आवश्यक ज्ञान है या वो तेजी से उस ओर आगे बढ़ रहा है.

बड़े काम की बात- बायोलॉजिकल वेपन ऐसे हथियार होते हैं जो मनुष्यों, जानवरों या पौधों को बीमार करने, उन्हें विकलांग बनाने या मारने के लिए रोग पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया, वायरस, फंगस) या उनके टॉक्सिन का उपयोग करते हैं. इन्हें गुप्त रूप से फैलाया जा सकता है और ये तेजी से फैलकर बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकते हैं.

डारियो अमोदेई ने क्या बताया है?

डारियो अमोदेई ने अपने आर्टिकल में लिखा है," उच्च स्तर पर, मुझे चिंता है कि लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs) शुरू से अंत तक (जैविक हथियार) बनाने और उन्हें रिलीज करने के लिए आवश्यक ज्ञान के करीब पहुंच रहे हैं (या पहले ही पहुंच चुके हैं), और विनाश की उनकी क्षमता बहुत अधिक है." 

गौरतलब है कि लार्ज लैंग्वेज मॉडल एक प्रकार का AI डीप लर्निंग एल्गोरिदम है. डारियो अमोदेई की कंपनी एंथ्रोपिक OpenAI, गूगल डीपमाइंड और मेटा के साथ AI क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली कंपनियों में से एक है.

अमोदेई ने कहा कि उनकी कंपनी ने पाया है कि यदि वे AI मॉडल को अधिक डेटा, अतिरिक्त कंप्यूटिंग शक्ति और ट्रेनिंग के लिए अतिरिक्त समय देते हैं, तो AI मॉडल लगभग हर चीज में अनुमान से कहीं ज्यादा और लगातार बेहतर हो जाते हैं. उन्होंने दावा किया कि अधिकांश लोगों ने जितना अनुमान लगाया है, AI उसकी तुलना में बहुत तेजी से आगे हो रहा, इम्प्रूव हो रहा है.

कैसे डरावनी तेजी से आगे बढ़ रहा AI?

उन्होंने लिखा कि केवल तीन साल पहले AI मुश्किल से मैथ्स (गणित) के बेसिक सवाल कर पता था. उसे कंप्यूटर कोड की एक भी सही लाइन लिखने के लिए संघर्ष करना पड़ता था. लेकिन आज कहानी अलग है. आज AI तकनीक गणित के उन प्रॉब्लम्स को भी सॉल्व करने में मदद कर रहा है जिन्हें मनुष्य अभी तक हल नहीं कर पाया है. उसकी कोडिंग इतनी अच्छी है कि टॉप के इंजीनियर भी अपना अधिकांश काम AI को करने दे रहे हैं.

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इतना ही नहीं AI की तरफ से बायोलॉजिकल साइंस, फाइनेंस, फिजिक्स और एडवांस "एजेंटिक" कामों सहित कई क्षेत्रों में इसी तरह के तेजी से सुधार देखे जा रहे हैं. अमोदेई ने दावा किया, "AI जल्द ही लगभग हर चीज में इंसानों से बेहतर हो सकता है." 

उन्होंने कहा, "एंथ्रोपिक के भीतर पिछले 5 वर्षों की प्रगति को देखते हुए, और यह देखते हुए कि अगले कुछ महीनों में मॉडल कैसे आकार ले रहे हैं, मैं इस प्रगति की रफ्तार को महसूस कर सकता हूं. मुझे टिक-टिक करती घड़ी के कांटे सुनाई दे रहे हैं."

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AI में इमोशन नहीं है

अमोदेई ने कहा कि जब AI मॉडल को ट्रेनिंग दी जाती है, तो वे भारी मात्रा में डेटा से पैटर्न सीखते हैं. वे न केवल फैक्ट सीखते हैं, बल्कि वे प्रतिक्रिया देने के तरीके, सोचने की शैली और आंतरिक आदतें भी सीखते हैं. उन्होंने आगे बताया कि AI भावनाओं (इमोशन) को महसूस नहीं करता है, लेकिन यह उन तरीकों से काम कर सकता है जो इन स्थितियों से मिलते जुलते हैं. उन्होंने कहा, "गलत तरीके से सत्ता की तलाश ही इस भविष्यवाणी का बौद्धिक आधार है कि AI अनिवार्य रूप से मानवता को नष्ट कर देगा."

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