- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अब क्यूबा में दशकों से चले आ रहे कम्युनिस्ट शासन को उखाड़ फेंकने की कोशिश कर रहे हैं
- वेनेजुएला से तेल सप्लाई बंद होने और विदेशी मेडिकल मिशनों पर प्रतिबंधों से क्यूबा की अर्थव्यवस्था संकट में है
- डोनाल्ड ट्रंप क्यूबा में कास्त्रो युग खत्म करके इतिहास रचने का प्रयास कर रहे हैं और राजनीतिक बदलाव चाहते हैं
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल करने के बाद और ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लाने की कोशिशों के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अगला बड़ा लक्ष्य क्यूबा हो सकता है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट पर यकीन करें तो ट्रंप प्रशासन अब क्यूबा में दशकों से चले आ रहे कम्युनिस्ट शासन को उखाड़ फेंकने के लिए एक्टिव हो गया है. बताया जा रहा है कि अमेरिकी अधिकारी क्यूबा सरकार के अंदर ऐसे इनसाइडर्स तलाश रहे हैं, जो 2026 में ही मौजूदा सरकार को बदलने में मदद कर सकें.
क्यूबा में सात दशक से कम्युनिस्टों का कब्जा
क्यूबा पर पिछले सात दशकों से कम्युनिस्टों का कब्जा है, लेकिन मौजूदा राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल की पकड़ अब कमजोर होती नजर आ रही है. क्यूबा का सबसे बड़ा मददगार वेनेजुएला था, लेकिन वहां मादुरो की सत्ता जाने के बाद क्यूबा की इकोनॉमी पूरी तरह चरमरा गई है. अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, द्वीप पर जरूरी वस्तुओं और दवाओं की भारी कमी हो गई है और कुछ ही हफ्तों में वहां का ईंधन पूरी तरह खत्म हो सकता है.
क्यूबा को कमजोर करने के लिए वेनेजुएला मॉडल
डोनाल्ड ट्रंप सरकार अब क्यूबा को कमजोर करने के लिए 'वेनेजुएला मॉडल' का इस्तेमाल कर रही है. अमेरिका की योजना वेनेजुएला से क्यूबा को मिलने वाली तेल की सप्लाई को पूरी तरह रोकने की है. इसके अलावा क्यूबा की विदेशी मेडिकल मिशनों पर भी नकेल कसी जा रही है, जो सरकार की कमाई का सबसे बड़ा जरिया हैं. ट्रंप ने साफ कहना है कि क्यूबा को अब न तेल मिलेगा और न ही पैसा, ऐसे में उसके सामने बेहतर रास्ता यही है कि वह डील कर ले, कहीं बहुत देर न हो जाए.
क्यूबा में राउल कास्त्रो ने हाल ही में कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख का पद छोड़ने की घोषणा की है.
सरकार में भेदिया की तलाश तेज
वेनेजुएला में मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिका ने खुफिया सूत्रों की मदद से जिस तरह ऑपरेशन चलाया था, उसी तरह की संभावना क्यूबा में भी तलाशी जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में मियामी और वॉशिंगटन में क्यूबा के निर्वासित और सिविक संगठनों के नेताओं से मुलाकात में इस बात पर जोर दिया गया कि क्यूबा में भी सरकार के अंदर कोई ऐसा व्यक्ति तलाशा जाए जो अमेरिका के साथ हाथ मिला ले और मदद करे.
क्यूबा में हाल ही में अमेरिका के खिलाफ काफी विरोध प्रदर्शन हुए. Photo Credit: File Photo : IANS
वेनेजुएला जितना आसान नहीं क्यूबा
वेनेजुएला के मुकाबले अमेरिका के लिए क्यूबा में चुनौतियां अधिक हैं. इसकी कई वजहें है. क्यूबा में वेनेजुएला की तरह कोई संगठित विपक्ष नहीं है. वहां उस तरह खुलकर विरोध प्रदर्शन भी नहीं होते. क्यूबा एक स्टालिनवादी पार्टी का राज है, जहां नागरिक समाज न के बराबर है. तंगहाली से जूझने के बावजूद क्यूबा ने रूस और ईरान जैसे अमेरिका के प्रतिद्वंद्वियों के साथ अपने संबंध मजबूत बनाए रखे हैं, जो वॉशिंगटन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.
इतिहास रचना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप को लगता है कि अगर वह क्यूबा में कास्त्रो युग का अंत कर देते हैं तो यह उनके लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी. वह उस काम को पूरा करना चाहते हैं जिसे 1960 के दशक में राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी भी पूरा नहीं कर पाए थे. अब देखना यह होगा कि क्या क्यूबा के नेता ट्रंप की डील को स्वीकार करते हैं या फिर एक नए संघर्ष की शुरुआत होती है.













