- पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में सात आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है.
- अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों नागरिकों की मौत और घायल होने की बात कही.
- PAK सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सात ठिकानों पर हमले किए हैं. इसे लेकर अफगानिस्तान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. अफगानिस्तान की ओर से कहा गया है कि इस हमले में दर्जनों लोगों की मौत हुई है. अपनी जान गंवाने वालों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. अफगानिस्तान ने हमले का बदला लेने की धमकी दी है. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के हमलों का समय पर, उचित और सोच-समझ कर जवाब दिया जाएगा. पाकिस्तान के हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर आतंकी समूहों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिन्हें वह पाकिस्तान में हाल ही में हुए आत्मघाती हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराता है. पाकिस्तान के हमलों में अब तक 17 लोगों के मारे जाने की खबर है. सरकारी प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने 'एक्स' पर कहा कि कल रात उन्होंने नांगरहार और पक्तिका प्रांतों में हमारे नागरिकों पर बमबारी की, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों लोग शहीद और घायल हुए हैं.
समय पर और उचित जवाब दिया जाएगा: अफगानिस्तान
टोलो न्यूज ने अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के हवाले से खबर दी है. इसके मुताबिक, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पक्तिका और नंगरहार प्रांतों में पाकिस्तानी सेना के हमलों के जवाब में "समय पर, उचित और सोची-समझी प्रतिक्रिया" देने की चेतावनी दी है. मंत्रालय की ओर से इन हमलों को अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून, अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों और इस्लामी मूल्यों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है.
साथ ही मंत्रालय ने कहा कि नागरिक और धार्मिक केंद्रों पर हमले पाकिस्तानी सेना की खुफिया और सुरक्षा विफलताओं का साफ प्रमाण हैं और यह भी कहा कि आक्रामकता के ये बार-बार किए गए कृत्य उनकी विफलताओं को कभी नहीं छुपा पाएंगे.
वहीं अफगानिस्तान के सरकारी प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगान इलाकों का उल्लंघन किया है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में नागरिकों पर बमबारी की है, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोग शहीद हो गए. मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तानी जनरल अपने देश में सुरक्षा संबंधी विफलताओं की भरपाई ऐसे अपराधों के जरिए कर रहे हैं.
खुफिया जानकारी के आधार पर हमले: तरार
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने लिखा कि सेना ने पाकिस्तानी तालिबान (जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी के नाम से भी जाना जाता है) और उसके सहयोगी संगठनों के सात ठिकानों पर खुफिया जानकारी के आधार पर हमले किए हैं. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाके में इस्लामिक स्टेट समूह के एक सहयोगी संगठन को भी निशाना बनाया गया.
तरार ने कहा कि पाकिस्तान ने "हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है," लेकिन साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है.
पाकिस्तान ने पिछले साल अक्टूबर में अफगानिस्तान के भीतर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए हमले किए थे.
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आत्मघाती हमलों के जवाब में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक
यह ताजा घटनाक्रम अफगानिस्तान की सीमा से लगे उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में आत्मघाती हमलावर द्वारा विस्फोटकों से भरी गाड़ी को एक सुरक्षा चौकी की दीवार से टकराने के कुछ दिनों बाद सामने आया है. विस्फोट के कारण परिसर का एक हिस्सा ढह गया, जिसमें 11 सैनिक और एक बच्चा मारे गए थे. अधिकारियों ने बाद में बताया कि हमलावर एक अफगान नागरिक था.
सीमा पर हुए इन ताजा हमलों से कुछ घंटे पहले उत्तर-पश्चिम में स्थित पास के बन्नू जिले में एक अन्य आत्मघाती हमलावर ने एक सुरक्षा काफिले को निशाना बनाया, जिसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित दो सैनिक मारे गए. शनिवार की हिंसा के बाद, पाकिस्तान की सेना ने चेतावनी दी थी कि वह "कोई संयम नहीं बरतेगी" और दोषियों के खिलाफ अभियान "उनके ठिकाने की परवाह किए बिना" जारी रहेगा. इस भाषा से इस्लामाबाद और काबुल के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है.
तरार ने किया पाकिस्तान के पास 'पुख्ता सबूत' का दावा
तरार ने कहा कि पाकिस्तान के पास "पुख्ता सबूत" हैं कि हाल के हमले अफगानिस्तान स्थित अपने नेतृत्व और आकाओं के इशारे पर काम करने वाले आतंकवादियों द्वारा किए गए थे. इन हमलों में इस महीने की शुरुआत में इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद को निशाना बनाकर किया गया आत्मघाती हमला भी शामिल है, जिसमें 31 नमाजियों की मौत हो गई थी.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तालिबान शासकों से बार-बार आग्रह किया है कि वे आतंकवादी समूहों को अफगान धरती का उपयोग करके पाकिस्तान में हमले करने से रोकने के लिए कदम उठाएं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.














