"अमेरिका के इतिहास में शर्मनाक दिन" : ट्रंप के दोषी करार दिए जाने पर बोले यूएस हाउज के स्पीकर

सेक्स स्कैंडल हश मनी केस के 34 मामलों में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोषी करार दिया गया है. ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप कराने के लिए की गई पेमेंट को छिपाने के लिए व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया था.

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वॉशिंगटन:

रिपब्लिकन अमेरिकी हाउज के स्पीकर माइक जॉनसन ने गुरुवार को डोनाल्ड ट्रम्प को चुप रहने के लिए धन देने के मामले में सभी आरोपों में दोषी ठहराए जाने को "शर्मनाक" बताया है. अपने बयान में उन्होंने कहा, "आज का दिन अमेरिका के इतिहास में बहुत ही शर्मनाक है. डेमोक्रेट्स ने विपक्षी पार्टी के नेता को हास्यास्पद आरोपों में दोषी ठहराए जाने पर खुशी मनाई, जो एक निष्कासित, दोषी अपराधी की गवाही पर आधारित था. यह पूरी तरह से राजनीतिक एक्सरसाइज थी न की कानूनी."

क्या है मामला 

बता दें, सेक्स स्कैंडल हश मनी केस के 34 मामलों में पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को कोर्ट द्वारा दोषी करार दिया गया है. ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप कराने के लिए की गई पेमेंट को छिपाने के लिए व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया था. इस मामले में 11 जुलाई को ट्रंप को सजा सुनाई जा सकती है. अदालत ने ट्रंप की सजा की सुनवाई के लिए 11 जुलाई की तारीख निर्धारित की है. यदि डोनाल्ड ट्रंप पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया तो वह गिरफ्तार होने वाले पहले पूर्व राष्ट्रपति होंगे. 

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनिएल्स को साल 2016 में चुनाव से पहले 1 लाख 30 हजार डॉलर का भुगतान करने का आरोप है. अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के वकील माइकल कोहेन ने पोर्न स्टार को यह रकम उनके अफेयर की बात सार्वजनिक नहीं करने के समझौते के तहत दी थी. जानकारी के मुताबिक पोर्न स्टार उस दौरान उनके अफेयर की कहानी को बेचने के लिए कथित तौर पर अमेरिका के ही एक अखबार नेशनल इंक्वायरर के संपर्क में थीं.

ट्रंप पर आरोप है कि पोर्न स्टार को उन्होंने चुप कराने के लिए बड़ी रकम का भुगतान किया था. उनपर मामला यह है कि जो रकम उन्होंने अपने वकील के जरिए पोर्न स्टार को दी थी वो लीगल नहीं थी. पोर्न स्टार तक पहुंचाई जाने वाली रकम वकील कोहेन को लीगल फीस के रूप में दी गई थी. न्यूयॉर्क सरकार के वकीलों का कहना है कि यह मामला ट्रंप की तरफ से उनके दस्तावेजों के साथ हेराफेरी से जुड़ा है, इसे न्यूयॉर्क में एक आपराधिक मामले के रूप में दर्ज किया गया है. 

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