चढ़ावा चोरी विवाद पर स्वामी चक्रपाणि ने किस पर उठाए सवाल?

अयोध्या के रामलला मंदिर के खजाने में कथित चोरी और करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपों ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. क्या आस्था के इस सबसे बड़े केंद्र में कोई बड़ी सेंधमारी हुई है? इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर देखिए देश के प्रमुख संतों, पक्षकारों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच हुई यह गरमागरम बहस. अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जिन्होंने अपनी जमीनें बेचकर राम मंदिर की कानूनी लड़ाई लड़ी, उन्हें ट्रस्ट से दूर रखा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में ऐसे लोगों को रखा गया जिनका मंदिर आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था. चक्रपाणि महाराज ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस मामले की जांच में पक्षकारों और संतों को भी शामिल करने की मांग की है.

विश्व हिंदू परिषद के नेता विनोद बंसल ने इस मामले पर संयम बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया जा चुका है. जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी को भी दोषी ठहराना या चोर कहना पूरी तरह गलत है. विपक्षी दल कांग्रेस और अन्य नेताओं ने इसे ₹5,000 करोड़ का बड़ा घोटाला बताते हुए सरकारी एसआईटी जांच पर सवाल उठाए हैं. विपक्ष की मांग है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई (CBI) से कराई जानी चाहिए ताकि सच सामने आ सके.

देव द्रव्य की चोरी को महापाप बताते हुए सभी पक्षों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है. क्या एसआईटी की रिपोर्ट में सच सामने आएगा या यह मामला सिर्फ एक राजनीतिक अखाड़ा बनकर रह जाएगा? पूरी बहस और सभी पक्षों की दलीलें जानने के लिए यह वीडियो अंत तक जरूर देखें.
 

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