पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर प्रशासन ने एक बेहद कड़ा और नया कदम उठाया है. राज्य के दो सीमावर्ती जिलों (मुर्शिदाबाद और मालदा) में पहली बार स्पेशल 'होल्डिंग सेंटर' (Holding Centres) खोले गए हैं.
क्या है नया नियम?
प्रशासन के नए निर्देश के अनुसार, अब पकड़े गए विदेशी घुसपैठियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेजने की पुरानी प्रक्रिया को खत्म किया जा रहा है. इसकी जगह एक नया प्लान तैयार किया गया है. अब पकड़े गए लोगों को इन स्पेशल कैंपों में एक साथ रखा जाएगा और प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही BSF (सीमा सुरक्षा बल) की मदद से उन्हें वापस बांग्लादेश 'पुश बैक' (डिपोर्ट) कर दिया जाएगा.
मुर्शिदाबाद और मालदा में ताबड़तोड़ एक्शन
मुर्शिदाबाद: लालगोला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 'पद्मभवन' को होल्डिंग सेंटर बनाया गया है. हाल ही में जलंगी पुलिस ने ईद के मौके पर बॉर्डर पार करने की कोशिश कर रहे 7 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है (जो केरल में मजदूरी करते थे). लालगोला और भगवानगोला से पकड़े गए 3 अन्य लोगों को मिलाकर अब इस सेंटर में कुल 10 घुसपैठिए मौजूद हैं.
मालदा: मालदा जिले के इंग्लिशबाजार (बागबाड़ी) में भी एक होल्डिंग सेंटर शुरू किया गया है. यहाँ गाजोल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत 9 बांग्लादेशियों (3 महिलाएं और 6 नाबालिग) को पकड़ कर रखा गया है.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
इन होल्डिंग सेंटर्स को पूरी तरह से अभेद्य सुरक्षा घेरे में रखा गया है. यहाँ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा के लिए 12 पुलिसकर्मी, 3 सिविल डिफेंस जवान, 3 सिविक वॉलंटियर्स और खाना बनाने के लिए एक रसोइया तैनात किया गया है. वीडियो देखें.
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