पश्चिम बंगाल से घुसपैठियों को लेकर एक बहुत बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। एक तरफ जहां नागरिकता देने की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी तरफ अवैध रूप से भारत में घुसे लोगों (घुसपैठियों) की पहचान कर उन्हें वापस भेजने का एक्शन प्लान भी शुरू हो गया है।
अवैध घुसपैठियों को पकड़कर रखने के लिए बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद में खास 'होल्डिंग सेंटर' (Holding Centers) बनाए गए हैं। आपको बता दें कि ये दोनों वही इलाके हैं जहां से सबसे ज्यादा घुसपैठ की खबरें सामने आती हैं। मालदा के सेंटर में एक्शन शुरू भी हो चुका है और अब तक 9 संदिग्ध घुसपैठियों (जिनमें 3 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं) को यहां शिफ्ट कर दिया गया है।
क्या है इन होल्डिंग सेंटर्स का पूरा प्रोसेस?
अस्थाई ठिकाना: पकड़े गए किसी भी संदिग्ध विदेशी या बांग्लादेशी को सीधे जेल नहीं, बल्कि इन होल्डिंग सेंटर्स में लाया जाएगा। यहां कड़ी सुरक्षा होगी ताकि कोई भाग न सके।
30 दिन की मोहलत: शुरुआत में इन्हें यहां 30 दिनों तक रखा जाएगा।
कड़ी जांच और बायोमेट्रिक: इस दौरान उनके दस्तावेजों, पहचान और नागरिकता की बारीकी से जांच होगी। उनका बायोमेट्रिक डेटा (Biometric Data) लेकर उसे केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
डिपोर्टेशन (वापसी): अगर जांच में ये घुसपैठिए साबित होते हैं, तो अंतिम फैसले के बाद इन्हें सीमा सुरक्षा एजेंसियों (Border Security Agencies) को सौंप दिया जाएगा, जहां से इन्हें वापस इनके देश खदेड़ दिया जाएगा।
देश की सुरक्षा और घुसपैठियों को रोकने के लिए उठाए गए इस कड़े कदम पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि देश के अन्य राज्यों में भी ऐसे होल्डिंग सेंटर बनाए जाने चाहिए? कमेंट सेक्शन में अपने विचार हमारे साथ जरूर साझा करें।
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