दिल्ली में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बड़ा खेल किया है. इस बार शिकार बने ग्रेटर कैलाश में रहने वाले NRI डॉक्टर दंपति, जिनसे ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए करीब 14 करोड़ 85 लाख रुपए हड़प लिए. यह कथित धोखाधड़ी 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुई.
कौन हैं पीड़ित डॉक्टर दंपति?
डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा ने लगभग 48 साल अमेरिका में रहकर संयुक्त राष्ट्र (UN) में सेवा की. 2015 में रिटायरमेंट के बाद वे भारत लौट आए और चैरिटेबल सेवाओं से जुड़ गए. लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि एक दिन साइबर ठग उनकी मेहनत की कमाई लूट लेंगे.
कैसे हुआ डिजिटल अरेस्ट?
24 दिसंबर को डॉक्टर दंपति को साइबर ठगों का फोन आया. ठगों ने फर्जी मुकदमों और गिरफ्तारी वारंट का डर दिखाया. इतना ही नहीं, उन्होंने PMMLA और मनी लॉन्ड्रिंग कानून का हवाला देकर भी धमकाया. डर के कारण दंपति उनके जाल में फंसते चले गए. ठगों ने दंपति को लगातार वीडियो कॉल पर रखा, ताकि वे किसी से बात न कर सकें. इस दौरान डॉ. इंदिरा तनेजा ने ठगों के कहने पर 8 अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपए ट्रांसफर किए. कभी 2 करोड़, कभी 2.10 करोड़—इस तरह रकम धीरे-धीरे निकलती गई.
बैंक भी नहीं रोक पाया ठगी
जब डॉ. इंदिरा पहली बार बैंक गईं, तो मैनेजर ने बड़ी रकम ट्रांसफर करने का कारण पूछा. उन्होंने वही कहानी सुनाई जो ठगों ने उन्हें पहले से सिखाई थी. हर बार बैंक जाने से पहले ठग उन्हें झूठी कहानी तैयार कर देते थे.
ठगी का खुलासा कैसे हुआ?
10 जनवरी को ठगों ने कहा कि अब लोकल पुलिस स्टेशन जाकर आरबीआई से रिफंड मिलेगा. जब डॉ. इंदिरा थाने पहुंचीं, तब भी ठग वीडियो कॉल पर थे और SHO से बदतमीजी से बात कर रहे थे. यहीं खुलासा हुआ कि दंपति से 14.85 करोड़ रुपए की ठगी हो चुकी है.
जांच किसके पास है?
दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच स्पेशल सेल की साइबर यूनिट IFSO को सौंप दी है. फिलहाल डॉक्टर दंपति सदमे में हैं.