राजनीतिक पार्टियां और उनके नेता बिजली की रफ्तार से अपनी विचारधारा बदल रहे हैं। समाजवादी समाजवाद छोड़कर बीजेपी में जा रहे हैं, बीजेपी के नेता अब कांग्रेस का हाथ थाम रहे हैं.. ये सब चुनाव का कमाल है, जिसे जहां फायदा नजर आया, वहां लपक पड़े। आज प्राइम टाइम में मौका परस्ती की इस राजनीति को समझने की कोशिश करती एक विशेष चर्चा..