मोहे रंग दे केसरिया बालम...

  • 20:51
  • प्रकाशित: मार्च 24, 2013
पतझड़ की चांदनी रातों में केसर के खेत महक उठते हैं एक युवा खेतिहर लड़की के उदास गीतों से, जिसकी शादी अच्छे घर में नहीं हो पाई...।