अमेरिका‑ईरान तनाव पर बड़ा अपडेट.
अमेरिका और ईरान के बीच सीज़फायर एक बार फिर आगे बढ़ा दिया गया है, लेकिन शांति वार्ता को लेकर स्थिति अब भी बेहद अनिश्चित बनी हुई है. ईरान का साफ कहना है कि वह धमकियों के साये में किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने नाकेबंदी जारी रखने और दबाव बढ़ाने की दो टूक चेतावनी दी है.
इस बीच ईरानी सेना ने ट्रंप की धमकियों को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि IRGC हर हाल में जवाब देने के लिए तैयार है और अमेरिका की हर कार्रवाई का माकूल जवाब दिया जाएगा. ईरान का शक्ति प्रदर्शन, मिसाइलों की परेड और सख्त बयान सीधे तौर पर एक कड़ा संदेश माना जा रहा है.
उधर अमेरिका के भीतर भी ट्रंप की ईरान नीति पर दबाव बढ़ रहा है. विपक्ष, पूर्व सैनिक और डेमोक्रेटिक नेता खुलकर विरोध कर रहे हैं. कमला हैरिस ने ट्रंप प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और युद्ध को जनता के खिलाफ कदम बताया है.
अब सवाल ये है कि
क्या ये सीज़फायर आगे चलकर शांति वार्ता में बदलेगा?
या फिर भरोसे की कमी दोनों देशों को दोबारा टकराव की ओर ले जाएगी?
पूरी तस्वीर और एक्सपर्ट्स की राय – इस रिपोर्ट में.