अमेरिका‑ईरान टकराव पर बड़ा बयान सामने आया है.
ईरान के वरिष्ठ नेता सैयद अब्बास अरागची ने कहा है कि होर्मुज की नाकेबंदी बमबारी से भी बड़ा हमला है. उनका आरोप है कि अमेरिका सीज़फायर का उल्लंघन कर रहा है और यह सीधा युद्ध अपराध है. इसी बात का जिक्र पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भी कर चुके हैं.
इस बीच सवाल उठता है कि अमेरिका और ईरान की बातचीत आखिर क्यों अटक गई?
सीज़फायर की समय‑सीमा खत्म होने से पहले ट्रंप ने अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम से बैठक की, लेकिन ईरान की ओर से कोई जवाब नहीं आया. अमेरिका की ओर से भेजे गए डील पॉइंट्स पर ईरान की चुप्पी ने वॉशिंगटन को चौंका दिया.
ईरान का साफ कहना है कि जब तक बंदरगाहों की नाकेबंदी नहीं हटेगी, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी. वहीं अमेरिका परमाणु कार्यक्रम छोड़ने और शर्तों पर डील की बात कर रहा है.
दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी के चलते वार्ता की उम्मीद फिलहाल अनिश्चित दिखाई दे रही है.
क्या बातचीत पूरी तरह खत्म हो गई है या अभी रास्ता बचा है?
पूरी रिपोर्ट में समझिए.